राज्यसभा में लिखित जवाब में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि E10 पेट्रोल के लिए बने कुछ पुराने वाहनों में E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर माइलेज में करीब 3 से 5 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। हालांकि, यह असर सभी वाहनों में एक जैसा नहीं होता।
सिर्फ पेट्रोल से तय नहीं होता माइलेज
सरकार ने कहा कि किसी भी वाहन का माइलेज केवल पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा पर निर्भर नहीं करता। ड्राइविंग स्टाइल, वाहन की मेंटेनेंस, टायर प्रेशर, व्हील अलाइनमेंट और एसी का इस्तेमाल भी माइलेज को प्रभावित करते हैं।
इंजन खराब होने पर क्या कहा?
सरकार ने स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल की वजह से बड़े स्तर पर इंजन खराब होने या वाहनों में दिक्कत आने का कोई सत्यापित मामला सामने नहीं आया है। यानी फिलहाल ऐसे दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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क्या हैं E20 पेट्रोल के फायदे?
सरकार के मुताबिक, E20 पेट्रोल में ज्यादा ऑक्टेन रेटिंग होती है, जिससे बेहतर एंटी-नॉक परफॉर्मेंस मिलती है। इसके अलावा ईंधन बेहतर तरीके से जलता है और कई मामलों में वाहन का एक्सीलरेशन ज्यादा स्मूथ महसूस हो सकता है।
नितिन गडकरी ने भी दिया था बयान
इस महीने 7 जुलाई को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी कहा था कि यदि E20 पेट्रोल से किसी वाहन को नुकसान हुआ हो, तो उसका ठोस उदाहरण सामने लाया जाए। उन्होंने यह भी कहा था कि E20 पेट्रोल को लेकर इंजन खराब होने और माइलेज घटने जैसी कई बातें गलत तरीके से फैलायी जा रही हैं।
पुराने वाहन मालिकों के लिए जरूरी जानकारी
अगर आपका वाहन E10 पेट्रोल के लिए बना है, तो E20 इस्तेमाल करने पर कुछ मामलों में 3 से 5 प्रतिशत तक माइलेज कम हो सकता है। वहीं सरकार का कहना है कि E20 से इंजन खराब होने का कोई सत्यापित प्रमाण नहीं मिला है। ऐसे में वाहन निर्माता की सलाह और वाहन की तकनीकी क्षमता के अनुसार ही ईंधन का इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा।