देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर बढ़ रही चर्चाओं और वाहन चालकों की शिकायतों के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि तय मानकों के अनुसार तैयार किया गया E20 पेट्रोल सुरक्षित है। सरकार का कहना है कि यदि किसी वाहन में तकनीकी समस्या सामने आती है तो उसके पीछे ईंधन में मिलावट, खराब गुणवत्ता या सप्लाई व्यवस्था में गड़बड़ी जैसे कारण हो सकते हैं। इसी के चलते राज्यों को फ्यूल मिलावट रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
फ्यूल की गुणवत्ता पर केंद्र का सख्त संदेश
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश जारी कर कहा है कि ईंधन की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि पेट्रोल की सप्लाई, स्टोरेज या वितरण के दौरान मिलावट या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। सरकार ने ऐसे मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने की बात कही है।
सरकार ने E20 और मिलावटी पेट्रोल का अंतर समझाया
सरकार ने अपने बयान में कहा है कि निर्धारित मानकों के अनुसार तैयार किया गया E20 पेट्रोल वाहनों के लिए सुरक्षित है। यदि किसी वाहन में माइलेज कम होने, इंजन की परफॉर्मेंस प्रभावित होने या अन्य तकनीकी दिक्कतें आती हैं तो इसके पीछे पेट्रोल की खराब गुणवत्ता, सप्लाई चेन में गड़बड़ी, पेट्रोल पंप पर रखरखाव की कमी या ईंधन में मिलावट जैसी वजहें हो सकती हैं। इसलिए E20 पेट्रोल और मिलावटी पेट्रोल के बीच अंतर समझना जरूरी है।
वाहन मालिकों की शिकायतों से बढ़ी चर्चा
पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर कई वाहन मालिकों ने E20 पेट्रोल को लेकर अपनी चिंताएं साझा की हैं। कुछ लोगों ने माइलेज घटने, इंजन की क्षमता प्रभावित होने और वाहन के ब्रेकडाउन जैसी समस्याओं का दावा किया है। इन शिकायतों के बाद E20 पेट्रोल को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। हालांकि सरकार का कहना है कि इन समस्याओं की वजह हर मामले में E20 पेट्रोल नहीं माना जा सकता।
मुद्दा बना राजनीतिक बहस का विषय
E20 पेट्रोल का मुद्दा अब राजनीतिक चर्चा का भी हिस्सा बन गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे लेकर ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान शुरू करते हुए लोगों से अपनी राय दर्ज कराने की अपील की है। उनका कहना है कि सरकार को लोगों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। वहीं सरकार का रुख साफ है कि फ्यूल की गुणवत्ता बनाए रखने और मिलावट रोकने के लिए राज्यों के साथ मिलकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।