Ear Cleaning Tips : कान में बनने वाला ईयरवैक्स यानी मैल शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है. यह कान की त्वचा को सूखने से बचाने के साथ धूल और बाहरी गंदगी को अंदर जाने से रोकने में भी मदद करता है. आमतौर पर कान खुद ही अतिरिक्त मैल को धीरे-धीरे बाहर निकाल देता है। इसलिए हर बार कान के अंदर से मैल निकालना जरूरी नहीं होता.
नुकीली चीजों से कान साफ करने की गलती न करें
कई लोग कान की सफाई के लिए पिन, हेयरपिन, माचिस की तीली या किसी अन्य नुकीली चीज का इस्तेमाल करते हैं. ऐसा करना कान के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे मैल और अंदर जा सकता है और कान की नाजुक त्वचा पर चोट लगने का खतरा रहता है. ज्यादा दबाव पड़ने पर ईयरड्रम को भी नुकसान पहुंच सकता है.
घर पर कैसे करें कान की सफाई?
अगर कान के बाहरी हिस्से पर मैल दिखाई दे रहा है तो उसे मुलायम कपड़े से धीरे-धीरे साफ किया जा सकता है. कान के अंदर किसी वस्तु को डालकर सफाई करने से बचें. अगर ईयरवैक्स ज्यादा जमा हो गया है और सुनने में परेशानी महसूस हो रही है, तो डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर विकल्प है.
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ईयरवैक्स सॉफ्ट करने के लिए क्या करें?
कुछ मामलों में डॉक्टर की सलाह से ईयरवैक्स सॉफ्ट करने वाली ड्रॉप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है. ये जमा मैल को नरम करने में मदद कर सकती हैं, जिससे वह प्राकृतिक रूप से बाहर आने लगे। हालांकि, कान में दर्द, पानी या खून आना, संक्रमण या ईयरड्रम से जुड़ी समस्या होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई ड्रॉप इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए.
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
अगर कान बंद महसूस हो, लगातार दर्द हो, सुनाई कम दे, चक्कर आए या कान से किसी तरह का तरल पदार्थ निकले, तो खुद से सफाई करने के बजाय ईएनटी डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। सही तरीके से कान की देखभाल करने से चोट और संक्रमण जैसी परेशानियों से बचा जा सकता है.