Uric Acid: यूरिक एसिड की परेशानी से आजकल हर दूसरा व्यक्ति ग्रसित है। यूरिक एसिड बढ़ने पर जोड़ों में दर्द और सूजन की शिकायत हो जाती है। बता दें कि यूरिक एसिड एक केमिकल है, जो तब बनता है जब शरीर में प्यूरीन नामक पदार्थ टूटता है। लेकिन, अनहेल्दी और अनियमित खानपान भी यूरिक एसिड बढ़ने का एक कारण हो सकता है। शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने से किडनी, हार्ट, गठिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए कई घरेलू मसाले बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं। ये मसाले एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते हैं, जो सूजन कम करते हैं, जोड़ों के दर्द में राहत देते हैं और शरीर से अतिरिक्त यूरिक एसिड निकालने में मदद करते हैं। तो आइए जानते हैं यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए कौन-कौन से मसालों का सेवन करना चाहिए।
अजवाइन
शरीर में बढ़े हुए यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए अजवाइन का सेवन फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि अजवाइन में ओमेगा 3 फैटी एसिड और कई विटामिन मौजूद होते हैं, जो यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मददगार साबित होते हैं। इसके लिए खाली पेट गुनगुने पानी के साथ अजवाइन का सेवन करना चाहिए।
मेथी
यूरिक एसिड बढ़ने पर मेथी का सेवन भी फायदेमंद माना जाता है। जी हां क्योंकि मेथी में भरपूर मात्रा में फॉस्फोरस, फॉलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, विटामिन ए, बी और सी जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। साथ ही मेथी का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल भी कंट्रोल होता है। इसके लिए खाली पेट मेथी दाना के बीज के पानी का सेवन करना चाहिए।
काली मिर्च
शरीर में बढ़े हुए यूरिक एसिड को कम करने के लिए काली मिर्च का सेवन काफी फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि काली मिर्च औषधीय गुणों से भरपूर होती है, काली मिर्च का सेवन करने से जोड़ों में दर्द की शिकायत भी दूर होती है और यूरिक एसिड भी कंट्रोल होता है। साथ ही काली मिर्च का सेवन बॉडी में होने वाली सूजन को भी कम करने का काम करती है।
हल्दी
हल्दी को एक सबसे शक्तिशाली मसाला माना जाता है। हल्दी औषधीय गुणों से भरपूर होती है, इसलिए अगर किसी के शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ गई है, तो उसे हल्दी का सेवन करना चाहिए। क्योंकि हल्दी के सेवन से यूरिक एसिड को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
- अगर यूरिक एसिड बहुत ज्यादा है या गाउट के अटैक हो रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
- पर्याप्त पानी पिएं (दिन में 3-4 लीटर), वजन कंट्रोल रखें और प्यूरीन वाली चीजें (जैसे रेड मीट, सीफूड, शराब) कम करें।
- ये घरेलू उपाय सहायक हैं, मुख्य इलाज की जगह नहीं ले सकते।