
भारत निर्वाचन आयोग ने जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए देशभर के 334 राजनीतिक दलों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। इनमें मध्यप्रदेश के 15 और छत्तीसगढ़ के 9 दल शामिल हैं। आयोग का यह कदम उन दलों के खिलाफ है जो पिछले 6 वर्षों से किसी भी चुनाव में सक्रिय नहीं रहे। कार्रवाई के बाद अब देश में केवल 6 राष्ट्रीय और 67 क्षेत्रीय पार्टियां मान्यता प्राप्त रह गई हैं।
जनप्रतिनिधि अधिनियम के तहत कार्रवाई
जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 के अनुसार, किसी भी राजनीतिक दल को मान्यता बनाए रखने के लिए नियमित रूप से चुनाव में भाग लेना आवश्यक है। 6 वर्षों तक चुनाव न लड़ने वाले दलों का पंजीकरण रद्द कर दिया जाता है। आयोग का यह निर्णय राजनीतिक व्यवस्था में सक्रियता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
मध्यप्रदेश के जिन दलों का पंजीकरण रद्द हुआ
मध्यप्रदेश के जिन 15 राजनीतिक दलों का रजिस्ट्रेशन रद्द हुआ है, उनके नाम इस प्रकार हैं—
भारतीय जनता भीम पार्टी, स्वर्ण समाज पार्टी, राष्ट्र वाहिनी पार्टी, लोकतांत्रित सरकार पार्टी, क्रांतिकारी किसान सेना, किसान मजदूर प्रज्ञा पार्टी, जन न्याय दल, जनता विकास पार्टी, जय मानवता पार्टी, गोंडवाना मुक्ति पार्टी, गोंडवाना कांग्रेस पार्टी, भारतीय सत्य संघर्ष पार्टी, भारतीय जन जागरूक पार्टी और भारतीय ग्रामीण समाज पार्टी।
देशभर में बचे मान्यता प्राप्त दल
इस कार्रवाई के बाद अब पूरे देश में केवल 6 राष्ट्रीय दल और 67 क्षेत्रीय दल ही पंजीकृत हैं। यह कदम राजनीतिक दलों की गुणवत्ता और सक्रियता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।