वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में इकोनॉमिक सर्वे 2026 पेश किया है। इस रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि दुनिया में मंदी और तनाव के बीच भी भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। सर्वे के मुताबिक साल 2026 में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.4% की दर से बढ़ सकती है। सरकार का कहना है कि निवेश और उद्योगों में आई तेजी इसकी सबसे बड़ी वजह है।
दुनिया में उथल पुथल, भारत में ग्रोथ
इकोनॉमिक सर्वे में बताया गया है कि वैश्विक स्तर पर हालात मुश्किल बने हुए हैं। कई देशों में आर्थिक सुस्ती है, ब्याज दरें ऊंची हैं और भू राजनीतिक तनाव भी बढ़े हैं। इसके बावजूद भारत की ग्रोथ मजबूत दिख रही है। सर्वे के अनुमान के अनुसार 2027 तक भारत की आर्थिक वृद्धि 6.8% से 7.2% के बीच रह सकती है।
भारत बना चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
सर्वे में एक बड़ी उपलब्धि का जिक्र भी किया गया है। भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। अमेरिका, चीन और जर्मनी के बाद भारत का स्थान है। सरकार पहले ही बता चुकी है कि भारत ने जापान को पीछे छोड़ दिया है। यह उपलब्धि उस वक्त हासिल हुई है जब वैश्विक बाजार दबाव में हैं।
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तेजी के पीछे क्या है वजह
इकोनॉमिक सर्वे के मुताबिक भारत की तेज ग्रोथ के पीछे निवेश में बढ़ोतरी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की मजबूती बड़ी वजह है। साल 2025 में भारत की ग्रोथ 6.5% रही थी, जबकि 2026 में इसके 7.4% तक पहुंचने का अनुमान है। यह आंकड़ा आरबीआई के अनुमान से भी ज्यादा है। दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 8.2% तक पहुंच गई, जो बीते कई तिमाहियों में सबसे बेहतर रही।
महंगाई काबू में, लोन हुआ आसान
महंगाई दर नियंत्रण में रहने से लोगों को बड़ी राहत मिली है। इसी वजह से रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में कटौती की, जिससे लोन सस्ते हुए और बाजार में मांग बढ़ी। सरकार के सुधारों और जीएसटी में राहत का भी असर अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक दिखा है।
आगे क्या कहता है सर्वे
इकोनॉमिक सर्वे के मुताबिक 2026 तक भारत की अर्थव्यवस्था 4 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर सकती है। वर्ल्ड बैंक और आईएमएफ का भी मानना है कि भारत आने वाले समय में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। सर्वे साफ संकेत देता है कि वैश्विक संकट के बीच भी भारत की आर्थिक गाड़ी पटरी पर दौड़ती रहेगी।