SIR Update: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के बाद वोटर लिस्ट से बाहर रह गए पात्र मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने उन 20 राज्यों में विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है, जहां SIR पूरा हो चुका है और जहां छूटे हुए मतदाताओं की स्थिति पर अतिरिक्त ध्यान देने की जरूरत सामने आई है। अभियान का उद्देश्य पात्र लोगों को मतदाता सूची में शामिल करना और चुनावी रोल को अधिक सटीक बनाना है।
SIR के बाद छूटे नामों की होगी पहचान
चुनाव आयोग के इस अभियान का फोकस उन लोगों पर है, जो पात्र होने के बावजूद SIR के दौरान अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके। आयोग की व्यवस्था के तहत मतदाता अपना नाम ऑनलाइन चेक कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर नए पंजीकरण या नाम शामिल कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का इस्तेमाल कर सकते हैं। आयोग की वेबसाइट पर Search Your Name और मतदाता पंजीकरण की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
नाम कट गया है तो दोबारा जुड़ सकता है?
अगर कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर रह गया है, तो मौजूदा नियमों के तहत Form 6 के जरिए मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन किया जा सकता है। चुनाव आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल पर Form 6 के जरिए नए पंजीकरण की सुविधा दी गई है। आवेदन की जांच संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के स्तर पर होती है। इसलिए केवल वोटर आईडी कार्ड होना पर्याप्त नहीं, बल्कि अंतिम मतदाता सूची में नाम दर्ज होना मतदान के लिए महत्वपूर्ण है।
20 राज्यों में विशेष अभियान क्यों?
आयोग का यह कदम SIR के बाद उन मतदाताओं तक पहुंचने के लिए है, जो किसी कारण से अंतिम सूची में जगह नहीं बना पाए। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, अभियान में पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा शामिल करने के साथ नए और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं के पंजीकरण पर भी ध्यान दिया जाएगा। राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में स्थानीय स्तर पर ऐसे विशेष पंजीकरण अभियान की तैयारियां भी सामने आई हैं। गुजरात में इसके लिए लगातार चार रविवार विशेष ड्राइव चलाने की घोषणा की गई है।
वोटर खुद भी कर सकते हैं नाम की जांच
मतदाताओं को सबसे पहले यह जांचना चाहिए कि उनका नाम वर्तमान मतदाता सूची में मौजूद है या नहीं। चुनाव आयोग के पोर्टल पर नाम और अन्य विवरण के जरिए वोटर लिस्ट में स्थिति देखी जा सकती है। SIR से संबंधित पुराने रिकॉर्ड को खोजने की सुविधा भी उपलब्ध है। यदि नाम नहीं मिलता और व्यक्ति मतदान के लिए पात्र है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन किया जा सकता है। आयोग ने यह व्यवस्था मतदाता सूची को अपडेट रखने और पात्र नागरिकों को शामिल करने के उद्देश्य से बनाई है।