अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप पर प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्रवाई का सीधा असर शेयर बाजार पर दिखा। शुक्रवार की शुरुआत में ही रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। BSE पर सुबह 9:47 बजे रिलायंस पावर का शेयर 0.48% गिरकर 39.13 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया, जबकि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर 0.53% टूटकर 168 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। निवेशकों की घबराहट की वजह गुरुवार को ED द्वारा अनिल अंबानी की कंपनियों से जुड़े 1452 करोड़ रुपये की संपत्तियों की कुर्की है। इस कार्रवाई के बाद बाजार में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इसका असर रिलायंस ग्रुप की अन्य कंपनियों पर भी पड़ेगा।
संपत्ति रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़ी
ED ने बताया कि कुर्क की गई संपत्ति रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़ी है। हालांकि, रिलायंस ग्रुप ने तुरंत सफाई देते हुए कहा कि इन संपत्तियों का रिलायंस पावर या रिलायंस इंफ्रा से कोई लेना-देना नहीं है। ग्रुप का कहना है कि RCom 2019 से रिलायंस ग्रुप का हिस्सा नहीं है और ED की कार्रवाई से इन कंपनियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। ग्रुप की ओर से बताया गया कि ED की कार्रवाई से बाजार में अफवाहें फैल गईं, जिसके कारण शेयर दबाव में नजर आए। कंपनी का दावा है कि रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों सामान्य रूप से काम कर रही हैं और उनकी वित्तीय स्थिति स्थिर है।
ये भी पढ़ें : Anil Ambani पर ED का शिकंजा कसता गया! देशभर की करोड़ों की संपत्ति जब्त, Supreme Court ने भी जारी किया नोटिस
2019 में ही RCom से इस्तीफा दिया
रिलायंस ग्रुप की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि अनिल अंबानी ने 2019 में ही RCom से इस्तीफ़ा दे दिया था। इसके अलावा, वे पिछले साढ़े तीन साल में न तो रिलायंस पावर और न ही रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के बोर्ड में शामिल हैं। दूसरी ओर, RCom इस समय नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस से गुजर रही है, जिसे SBI के नेतृत्व वाली लेंडर्स कमेटी द्वारा नियुक्त प्रोफेशनल मैनेज कर रहा है। इसका मतलब साफ है कि RCom की कानूनी कार्रवाई का रिलायंस ग्रुप की बाकी कंपनियों पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं होना चाहिए।
निवेशकों की घबराहट अस्थायी
बाजार विशेषज्ञों की मानें तो निवेशकों की घबराहट अस्थायी है। ED की कार्रवाई का सीधा असर सिर्फ RCom की संपत्तियों पर है, जबकि बाकी कंपनियां अपनी-अपनी परिचालन गतिविधियां जारी रखे हुए हैं। हालांकि, अनिल अंबानी के नाम से जुड़े किसी भी मामले का मनोवैज्ञानिक असर बाजार पर पड़ता है। आने वाले दिनों में शेयरों की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि ED और रिलायंस ग्रुप के बीच कानूनी प्रक्रियाएं किस दिशा में बढ़ती हैं। अभी के लिए स्पष्ट है कि रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर अपने-अपने प्रोजेक्ट्स पर बिना किसी बाधा के आगे बढ़ रही हैं।