ED arrests: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बैंकिंग धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में सख्त कदम उठाते हुए रिचा इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप गुप्ता को गिरफ्तार किया है। मामला करीब 236 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले से जुड़ा है। ईडी की गुरुग्राम जोनल टीम ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे ईडी रिमांड पर भेज दिया गया।
जांच की शुरुआत
यह मामला सीबीआई की एफआईआर के आधार पर दर्ज किया गया था। आरोप है कि 2015 से 2018 के बीच सरकारी बैंकों को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। जांच में सामने आया कि कंपनी ने बिना किसी वास्तविक सप्लाई के कपड़ा और सोलर प्रोजेक्ट से जुड़ी फर्जी बिक्री दिखाई, जिसे शेल कंपनियों के जरिए कागजों में दर्शाया गया।
फर्जीवाड़ा और हेरफेर
ईडी के अनुसार, बिल, लेजर और बैंक खातों में हेरफेर कर कंपनी का टर्नओवर जानबूझकर बढ़ाया गया। ZLD मशीनों की फर्जी खरीद भी दिखाई गई, जबकि संबंधित कंपनी का उस कारोबार से कोई संबंध नहीं था। इसके अलावा, ग्रुप कंपनियों को लोन चुकाने के नाम पर करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए।
यह भी देखेंःCM Yogi in Sonipat: संन्यासी का स्वाभिमान राष्ट्र से जुड़ा, सोनीपत में बोले CM योगी
बैंकों को हुआ भारी नुकसान
दिसंबर 2018 में शुरू हुई दिवाला प्रक्रिया के दौरान भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। आरोप है कि प्रक्रिया से पहले कीमती संपत्तियां इधर-उधर की गईं और कॉरपोरेट गारंटी के जरिए लेनदारों की समिति के फैसलों को प्रभावित किया गया। अंततः कंपनी के परिसमापन में बैंकों को करीब 94 फीसदी तक का नुकसान उठाना पड़ा।
परिवार की भूमिका पर गंभीर सवाल
जांच में यह भी सामने आया कि एक शेल कंपनी बनाकर बेनामी व्यवस्था खड़ी की गई और दिवाला प्रक्रिया के दौरान भी कंपनी पर परोक्ष नियंत्रण रखा गया। ईडी का कहना है कि नियमों के उल्लंघन कर धन निकासी की गई, जिसकी जांच अभी जारी है।