Google Meta promotion investigation: देश में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन सट्टेबाज़ी और तस्सेबाजी ऐप्स को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईडी ने ऐसे ऐप्स को प्रमोट करने के आरोप में गूगल और मेटा (फेसबुक की मूल कंपनी) से पूछताछ के लिए तलब किया है। इसके अलावा, 29 सेलिब्रिटीज और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है, जिनमें प्रसिद्ध अभिनेता प्रकाश राज, राणा दग्गुबाती और विजय देवरकोंडा जैसे बड़े नाम शामिल हैं। आरोप है कि इन हस्तियों ने इन ऐप्स का प्रमोशन कर करोड़ों रुपये की कमाई की है।
सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट के जरिए किया गया था प्रचार
ईडी के अनुसार, इन ऐप्स की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए बड़े-बड़े फिल्म स्टार्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का सहारा लिया गया। इन हस्तियों ने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स, यूट्यूब चैनल और पब्लिक इवेंट्स के ज़रिए इन सट्टेबाज़ी ऐप्स का प्रचार किया। ईडी को शक है कि प्रमोशन के बदले में इन हस्तियों को बड़ी रकम नकद और डिजिटल माध्यमों से दी गई।
गूगल और मेटा पर भी गंभीर सवाल
ईडी ने गूगल और मेटा से यह स्पष्ट करने को कहा है कि इन आपत्तिजनक ऐप्स को उनके प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापन कैसे मिले। सवाल यह भी है कि क्या इन कंपनियों ने प्रमोशन से पहले ऐप्स की वैधता की जांच की थी। एजेंसी ने इनके विज्ञापन मॉडल और ऐप प्रमोशन नीतियों से जुड़ी जानकारी मांगी है।
हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग का शक
ईडी को संदेह है कि इस पूरे मामले में हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। सूत्रों के मुताबिक, इन ऐप्स के ज़रिए जमा की गई रकम को विदेशी खातों में भेजा गया है। जांच में सामने आया है कि इन ऐप्स से जुड़ी कंपनियां दुबई, सिंगापुर और अन्य टैक्स हेवन देशों में रजिस्टर्ड हैं।
अब तक क्या हुआ – जांच की स्थिति
29 सेलिब्रिटीज से ईमेल और नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
गूगल और मेटा को 7 दिनों में जवाब देने के लिए कहा गया है।
जांच एजेंसी ने बैंक लेन-देन और डिजिटल साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।
कई ऐप्स को भारत में ब्लॉक करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।