ED Conducts Major Raids: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के तुरंत बाद केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित अवैध कॉल सेंटर से जुड़े एक मामले में कई जगहों पर छापेमारी की है। सोमवार सुबह शुरू हुई इस कार्रवाई में राज्य के चार जिलों में करीब दस ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और संभावित मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की पड़ताल के लिए की जा रही है।
चार जिलों में एक साथ सर्च ऑपरेशन
जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक ईडी की टीमों ने हावड़ा, सिलीगुड़ी, बिधाननगर और दुर्गापुर सहित कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। एजेंसी को इन इलाकों में चल रहे कुछ कॉल सेंटरों के जरिए कथित रूप से अवैध गतिविधियों और वित्तीय गड़बड़ियों की जानकारी मिली थी। इसी आधार पर अलग-अलग टीमों को कई ठिकानों पर भेजा गया।
मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई मुख्य रूप से मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही है। एजेंसी को संदेह है कि कुछ कॉल सेंटरों के माध्यम से धोखाधड़ी और संदिग्ध आर्थिक लेन-देन किए गए हो सकते हैं। जांच के दौरान इन गतिविधियों से जुड़े वित्तीय नेटवर्क और लेन-देन की श्रृंखला को समझने की कोशिश की जा रही है।
कई संदिग्धों के ठिकानों की तलाशी
सूत्रों के अनुसार जिन लोगों के ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है, उनमें सुभाजीत चक्रवर्ती, सम्राट घोष और सुराश्री कर समेत कई अन्य नाम शामिल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, ताकि संभावित सबूत जुटाए जा सकें।
चुनाव घोषणा के बाद तेज हुई गतिविधियां
इस कार्रवाई का समय भी चर्चा में है क्योंकि एक दिन पहले ही चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था। राज्य में मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को प्रस्तावित है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। फिलहाल ईडी की टीमों की तलाशी जारी है और आगे जांच के आधार पर अतिरिक्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।