लखनऊ। राजधानी लखनऊ में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक अधिकारी और एक हेड कांस्टेबल को कथित तौर पर रिश्वत लेते पकड़ लिया। इस कार्रवाई से संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सीबीआई ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई की और आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। इसी दौरान ईडी अधिकारी और हेड कांस्टेबल कथित तौर पर रिश्वत लेते पकड़े गए। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत किस काम के बदले मांगी गई थी और इस मामले में अन्य लोगों की कोई भूमिका तो नहीं है।
सीबीआई की कार्रवाई के बाद मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। जांच के तहत आरोपियों से पूछताछ और आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की जा सकती है।
सरकारी एजेंसियों के अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगना व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।
रिश्वत की रकम पांच लाख रुपये
सीबीआई के मुताबिक, शिकायतकर्ता के पिता को अगस्त और सितंबर में ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय से दो समन मिले थे। आरोप है कि इसी मामले में राहत दिलाने के नाम पर हेड कांस्टेबल मनोज द्विवेदी ने रिश्वत मांगी थी। रकम प्रवर्तन अधिकारी दीपक कुमार की ओर से ली जानी थी।