UP News: सपा नेता आजम खां के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की नजर मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों पर है। ट्रस्ट में आजम खां के परिवार के पांच सदस्य शामिल रहे हैं। इनमें उनकी पत्नी तजीन फातिमा, दोनों बेटे अदीब और अब्दुल्ला तथा बहन निकहत अफलाक शामिल हैं। ऐसे में जांच का दायरा बढ़ने पर परिवार के अन्य सदस्य भी एजेंसी की पूछताछ के दायरे में आ सकते हैं।
400 करोड़ खर्च किए जाने के आरोपों की जांच कर रही
ईडी ने 13 अक्तूबर को रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में जौहर ट्रस्ट को भी शामिल किया है। एजेंसी विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग, कमीशनखोरी और बिना हिसाब के करीब चार सौ करोड़ रुपये खर्च किए जाने के आरोपों की जांच कर रही है। इस मामले में ट्रस्ट के माध्यम से हुए वित्तीय लेनदेन और पदाधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
वर्ष 1990 में ट्रस्ट का गठन किया था
आजम खां ने वर्ष 1990 में ट्रस्ट का गठन किया था। वह इसके संस्थापक अध्यक्ष बने थे। पत्नी तजीन फातिमा को सचिव, बहन निकहत अफलाक को कोषाध्यक्ष और बेटों अदीब व अब्दुल्ला को सदस्य बनाया गया था। इसके अलावा मुश्ताक अहमद सिद्दीकी उपाध्यक्ष, चमरौवा के सपा विधायक नसीर अहमद खां संयुक्त सचिव और सलीम कासिम सदस्य बनाए गए थे। कुल नौ पदाधिकारियों में पांच आजम के परिवार से थे।
सजा के बाद बदली गई कार्यकारिणी
दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में सजा सुनाए जाने के बाद आजम खां ने खुद, पत्नी और छोटे बेटे का नाम ट्रस्ट से हटवा दिया था। नई कार्यकारिणी में बहन निकहत अफलाक को अध्यक्ष और बड़े बेटे अदीब को सचिव बनाया गया। इनके अलावा मुश्ताक अहमद सिद्दीकी, नसीर अहमद खां, जावेद उर रहमान खान, मुमताज बी और शहरेयार सलीम शामिल हैं।
किसानों की जमीन से शुरू हुई थी जांच
ईडी ने जुलाई 2019 में रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज 26 प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। इनमें जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए सिंगनखेड़ा गांव के किसानों की कृषि भूमि जबरन कब्जाने, धमकाने और अवैध रूप से बंधक बनाने के आरोप लगाए गए थे। इस मामले में ट्रस्ट के सदस्य नसीर अहमद खां से पूछताछ भी हो चुकी है। एजेंसी अब ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों और पदाधिकारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।