रिटायर्ड फौजी के घर पर ईडी की धमक से आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस मौके पर पहुंची तो सीआपीएफ के जवानों ने वापस लौट दिया था। इतना ही नहीं सीआरपीएफ के जवानों ने आसपास किसी को आने भी नहीं दिया। छापेमारी के दौरान ईडी के अधिकारियों ने रिटायर्ड फौजी के घर से संपत्ति से संबंधित दस्तावेज को कब्जे में लेकर पूछताछ की है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की गई है पर पुलिस का कहना है कि रिटायर्ड फौजी के बेटे पर नोएडा में धोखाधड़ी के मुकदमे है। इसकी जांच के लिए ईडी की टीम आई है।
लोगों में अफरा-तफरी मच गई
टीपी नगर थाना क्षेत्र के शेखपुरा मोहल्ले में विक्रम सिंह परिवार के साथ रहते है। वह सेना से रिटायर्ड है। मंगलवार सुबह नौ बजे कई गाड़ियों में ईडी के अधिकारी सीआरपीएफ के जवानों के साथ पहुंचे। अधिकारियों के घर में प्रवेश करते ही सीआरपीएफ के जवानों ने विक्रम के घर को अपनी सुरक्षा के घेर में ले लिया। सुबह दस बजे जैसे ही शेखपुरा में दुकानें खुलनी शुरू हुई तो विक्रम के घर पर सीआरपीएफ जवानों को मुस्तैद देखकर लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन किसी ने उनसे पूछने का साहस नहीं जुटाया। जानकारी मिलने पर टीपी नगर पुलिस भी शेखपुरा पहुंची, लेकिन सीआरपीएफ के जवानों ने पुलिस को विक्रम के घर में प्रवेश करने से रोक दिया। इसके बाद पुलिस वापस लौट गई।
मीडिया कर्मी पहुंचे तो सीआरपीएफ के जवानों ने भी उनसे बात करने से मना कर दिया। देर शाम तक ईडी के अधिकारी विक्रम के घर में जांच पड़ताल करते रहे। इस दौरान न तो किसी को घर में प्रवेश दिया गया और न ही किसी को घर से बाहर आने दिया। शेखपुरा के लोगों ने बताया, सुबह नौ बजे कुछ गाड़ियों में ईडी के अधिकारी सीआरपीएफ के साथ पहुंचे थे। इसके दो घंटे बाद एक गाड़ी में अन्य अधिकारी आए। उनके हाथ में सफेद रंग के दो लिफाफे थे।
धोखाधड़ी के मुकदमों की जांच को पहुंची ईडी
विक्रम सिंह के घर देर रात तक ईडी के अधिकारी जांच पड़ताल करते रहे। इस दौरान लोगों तरह-तरह के कायस भी लगाते रहे। कुछ लोगों का कहना था कि डूंगरावली निवासी सुनील कुमार ने पुलिस अफसरों से शिकायत की थी कि विक्रम सिंह ने उनके भाई सुशील कुमार को मृत दिखाकर वर्ष 2002 की वसीयत के आधार पर 400 गज जमीन अपने बेटे हरीश के नाम करा दी थी। इसका मुकदमा भी दर्ज है। ईडी क्यों आई और किस मामले में जांच कर रही है। इस संबंध में एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया, विक्रम सिंह सेना से रिटायर्ड है। उनके बेटे हरीश के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर फेस-दो में धोखाधड़ी के दो मुकदमे दर्ज है। हरीश अभी जेल से छूट कर आया है। इन मुकदमा के संबंध में दिल्ली से ईडी की टीम विक्रम के घर पर जांच पड़ताल के लिए आई है।