Indians return home Iran: ईरान में बढ़ते तनाव और अस्थिर हालात के बीच भारत सरकार ने वहां फंसे नागरिकों की सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया तेज कर दी है। 16 जनवरी को तेहरान और शिराज से भारतीयों का पहला बड़ा जत्था दिल्ली पहुंचा, जिसमें छात्र, तीर्थयात्री और कारोबारी शामिल थे। लौटे लोगों के चेहरों पर राहत साफ दिखी, लेकिन आंखों में बीते दिनों का डर भी झलक रहा था। सरकार और दूतावास की सक्रियता से सैकड़ों परिवारों ने राहत की सांस ली है।
डर का माहौल
ईरान से लौटे भारतीयों ने बताया कि पिछले कई दिनों से कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं ठप थीं। परिजनों से संपर्क टूट गया था और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ था। सड़कों पर सन्नाटा, सुरक्षा बलों की गश्त और आसमान में उड़ते लड़ाकू विमानों ने लोगों को मानसिक रूप से झकझोर दिया। कई छात्रों ने कहा कि वे केवल दूतावास के निर्देशों पर भरोसा करके एयरपोर्ट तक पहुंचे।
प्राथमिकता में निकासी
विदेश मंत्रालय के अनुसार ईरान में हजारों भारतीय मौजूद हैं, जिनमें बड़ी संख्या छात्रों और तीर्थयात्रियों की है। कुम और मशहद जैसे धार्मिक स्थलों पर रुके यात्रियों को भी चरणबद्ध तरीके से वापस लाया जा रहा है। प्राथमिकता छात्रों, बुजुर्गों और महिलाओं को दी जा रही है, ताकि वे जल्द से जल्द सुरक्षित भारत लौट सकें।
यह भी देखेंःAl-Falah University: अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर ED की कार्रवाई, मनी लॉन्ड्रिंग केस में चार्जशीट दाखिल
बना सहारा
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास लगातार भारतीय नागरिकों के संपर्क में रहा। जब फोन और इंटरनेट काम नहीं कर रहे थे, तब अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से कई लोगों तक पहुंच बनाई। विशेष उड़ानों और वैकल्पिक मार्गों से निकासी सुनिश्चित की गई, जिससे संकट के बीच भरोसे की एक मजबूत कड़ी बनी।
नई शुरुआत
दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर लौटते यात्रियों का स्वागत भावुक कर देने वाला था। परिजन अपने बच्चों और रिश्तेदारों को देखकर भावनाओं में बह उठे। लौटे भारतीयों ने इसे “नई जिंदगी” जैसा अनुभव बताया। हालांकि, ईरान में अब भी फंसे लोगों के परिवार सरकार से अपील कर रहे हैं कि सभी भारतीयों को जल्द सुरक्षित घर लाया जाए।