
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची जोनल ऑफिस ने बड़ी कार्रवाई की है। यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने अंकित राज की 3.02 करोड़ रुपये मूल्य की तीस (30) चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। झारखंड पुलिस ने 15 दिसंबर, 2023 को 16 प्राथमिकी दर्ज की थीं। इस एफआईआर के आधार पर ईडी ने अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया। इसमें जबरन वसूली, अवैध रेत खनन, सरकारी काम में बाधा डालने और झारखंड टाइगर ग्रुप नामक एक उग्रवादी चलाने के आरोप शामिल हैं।
हजारीबाग में जिला खनन कार्यालय की जांच
केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपराध की आय (पीओसी) से जुड़े साक्ष्य जुटाने को लेकर 12-13 मार्च 2024 और 4 जुलाई 2025 को तलाशी ली। अंकित राज के अवैध रेत कारोबार से संबंधित दस्तावेज जुटाने को लेकर 18 जुलाई 2025 को हजारीबाग में जिला खनन कार्यालय की जांच की गई।
गवाहों के बयानों, जिला खनन अधिकारियों के दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच में पता चला कि अंकित राज ने सोनपुरा घाट के लिए अपने खनन लाइसेंस की 2019 में समाप्ति के बाद भी दामोदर नदी की सहायक नदियां हाहारो और प्लांडू से अवैध रूप से रेत निकालना जारी रखा।
कुल कुर्की जब्ती 3.4 करोड़ रुपए की
अंकित राज और उसके सहयोगियों ने कथित तौर पर रेत के अवैध खनन, भंडारण और परिवहन के लिए एक परिष्कृत, बहुस्तरीय प्रणाली का उपयोग किया। यह कार्य जानबूझकर खनन नियमों की अवहेलना और सार्वजनिक प्राधिकरण का दुरुपयोग करके अवैध लाभ को अधिकतम करने के लिए किया गया। इन गतिविधियों के परिणामस्वरूप अंकित राज ने पीओसी हासिल कर लिया। मामले में कुल कुर्की जब्ती 3.4 करोड़ रुपए की है। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इस मामले में आगे की जांच पड़ताल की जा रही है।