ED takes major action: एनसीआर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार दोपहर अचानक छापा मारकर पूरे परिसर में तलाश अभियान चलाया। यह कार्रवाई राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के अधिकारियों पर रिश्वत लेने और गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोपों से जुड़े मामले में की गई। ईडी की टीम ने सबसे पहले कॉलेज के रिकॉर्ड रूम की तलाशी ली और बड़ी मात्रा में दस्तावेज व डिजिटल रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिए। इस कार्रवाई का आधार वह सबूत था जो सीबीआई को असिस्टेंट मैनेजिंग डायरेक्टर और पूर्व एमएलसी डॉ. शिवानी अग्रवाल के मोबाइल से मिला था। सीबीआई पहले ही उनके खिलाफ दर्ज हुई 225 एफआईआर के सिलसिले में जांच कर रही है।
पूछताछ और दस्तावेज जब्ती
छापे के दौरान ईडी ने डॉ. शिवानी अग्रवाल से विस्तृत पूछताछ की। उनके मोबाइल में उदयपुर स्थित गीतांजलि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार मयूर रावल और दिल्ली की एमएस टेक्निफाई सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट हेड आर. रणदीप नायर के बीच हुई बातचीत के सबूत मिले थे। यह बातचीत एनसीआर मेडिकल कॉलेज में 50 सीटें बढ़ाने के आवेदन से जुड़ी बताई गई है। पूछताछ के दौरान ईडी अधिकारियों ने उनसे उस निरीक्षण तिथि की जानकारी भी ली, जिसे उन्होंने स्टाफ को छुट्टी से वापस बुलाने के लिए साझा किया था। ईडी ने सीबीआई की पिछली कार्रवाई में मिले डिजिटल रिकॉर्ड को भी खंगाला।
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एनएमसी की कार्रवाई और हाईकोर्ट का हस्तक्षेप
सीबीआई की जांच के बाद एनएमसी ने एनसीआर मेडिकल कॉलेज समेत छह संस्थानों को 2025–26 सत्र के लिए जीरो ईयर घोषित कर दिया था। हालांकि बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने एनसीआर मेडिकल कॉलेज के मामले में एनएमसी के आदेश पर रोक लगा दी। ईडी की ताजा कार्रवाई से मामले ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित रिश्वतखोरी और गोपनीय सूचनाओं के लीक होने से मेडिकल कॉलेजों के निरीक्षण और सीट बढ़ोतरी प्रक्रिया पर कितना असर पड़ा।