ED Takes Major Action: प्रवर्तन निदेशालय ने कोलकाता में वित्तीय धोखाधड़ी और रंगदारी मामले में बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू को गिरफ्तार कर लिया है। टीएमसी से करीबी माने जाने वाले सोना पप्पू से सोमवार को साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में करीब नौ घंटे तक पूछताछ की गई। जांच में सहयोग नहीं करने के आरोप में देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया गया। लंबे समय से फरार चल रहे पप्पू के खिलाफ पहले भी कई नोटिस जारी किए गए थे।
दंगा और तोड़फोड़ मामले में भी आया था नाम
सोना पप्पू का नाम फरवरी महीने में रवींद्र सरोबर इलाके में हुए दंगे और तोड़फोड़ की घटना में भी सामने आया था। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि हिंसा के पीछे उसके सहयोगियों का हाथ था। हालांकि, उस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी हुई, लेकिन पुलिस पप्पू तक नहीं पहुंच सकी थी। बाद में उसने सोशल मीडिया पर आकर खुद को निर्दोष बताया था।
छापेमारी में बरामद हुए दस्तावेज और हथियार
ईडी ने जांच के दौरान पप्पू के घर और कारोबारी जॉय कामदार के ठिकानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान नकदी, महंगी कार और कई संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए। जांच एजेंसी के मुताबिक, पप्पू के घर से एक विदेशी पिस्टल भी बरामद हुई, जिसे बाद में गरियाहाट पुलिस स्टेशन में जमा कराया गया। अधिकारियों का दावा है कि हथियार की खरीद में भी कई संदिग्ध कड़ियां सामने आई हैं।
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रंगदारी और धमकी के कई मामले दर्ज
ईडी सूत्रों के अनुसार, सोना पप्पू के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज हैं। उस पर रंगदारी वसूली, धमकी देने और आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर आरोप लगे हैं। इसी सिलसिले में केंद्रीय एजेंसी ने जांच शुरू की थी। इससे पहले इसी मामले में कारोबारी जॉय कामदार और पुलिस अधिकारी शांतनु सिंह बिस्वास को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
अचानक ED दफ्तर पहुंचा पप्पू
लंबे समय तक फरार रहने के बाद सोमवार को सोना पप्पू अचानक अपनी पत्नी के साथ ईडी कार्यालय पहुंच गया। अधिकारियों ने सुबह से देर रात तक उससे पूछताछ की। जांच एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया और जांच में सहयोग नहीं कर रहा था। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अब ईडी उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन की जांच आगे बढ़ाएगी।