5600 crore scam: 5600 करोड़ रुपये के चर्चित NSEL घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 19.12 करोड़ की अचल संपत्ति अटैच कर ली है। यह मामला हजारों निवेशकों के साथ हुए बड़े फर्जीवाड़े से जुड़ा है, जिसमें कागजों पर ट्रेडिंग दिखाकर पैसा जुटाया गया था। एजेंसी की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और इस केस में कई बड़े नामों की भूमिका सामने आ चुकी है।
कैसे हुआ करोड़ों का फर्जीवाड़ा
जांच के मुताबिक नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड और उससे जुड़े डिफॉल्टिंग मेंबर्स ने बिना असली स्टॉक के ही कमोडिटी ट्रेडिंग करवाई। कागजी सौदों के जरिए करीब 13 हजार निवेशकों से लगभग 5600 करोड़ की ठगी की गई। इस पूरे खेल में फर्जी स्टॉक दिखाकर निवेशकों का भरोसा जीता गया और बाद में रकम का दुरुपयोग किया गया।
LOIL ग्रुप की भूमिका
इस घोटाले में LOIL ग्रुप की कई कंपनियां जैसे LOIL ओवरसीज फूड्स, LOIL कॉन्टिनेंटल फूड्स और LOIL हेल्थ फूड्स का नाम सामने आया है। इन कंपनियों ने प्लेटफॉर्म के जरिए फर्जी तरीके से धान की बिक्री दिखाकर करोड़ों रुपये जुटाए। जांच में करीब 720 करोड़ की देनदारी सामने आई, जिसमें से बड़ी रकम को अलग-अलग खातों के जरिए घुमाया गया और उसका इस्तेमाल लोन चुकाने व संपत्तियां खरीदने में किया गया।
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ED की अब तक की कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में अब तक 34 बार संपत्तियां अटैच कर चुका है, जिनकी कुल कीमत करीब 3452 करोड़ है। साथ ही 148 आरोपियों के खिलाफ 7 चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं, जिन पर अदालत ने संज्ञान ले लिया है। एजेंसी का कहना है कि आगे भी जांच जारी रहेगी और और भी खुलासे संभव हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग पर भी शिकंजा
इसी बीच ED की मुंबई यूनिट ने एक अन्य मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी बड़ी कार्रवाई की है। मुंबई के गोरेगांव स्थित एक हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़ी करीब 41.70 करोड़ की संपत्तियां अटैच की गई हैं। इन संपत्तियों में फ्लैट, दुकानें और ऑफिस स्पेस शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि इस प्रोजेक्ट को साई सिद्धि डेवलपर्स द्वारा विकसित किया जा रहा था और इसमें वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।