ED tightens: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध रेत खनन से जुड़े एक बड़े मामले में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में एक साथ कार्रवाई करते हुए रेत माफियाओं के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। इस कार्रवाई के तहत ईडी ने दोनों राज्यों में कुल 16 ठिकानों पर छापेमारी की, जहां से नकदी, बैंक बैलेंस, लग्जरी गाड़ियां और खनन से जुड़े कई अहम सबूत बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से अवैध तरीके से रेत खनन कर भारी मुनाफा कमा रहा था।
16 ठिकानों पर छापे
ईडी ने मध्य प्रदेश के भोपाल, होशंगाबाद और बैतूल जिलों के साथ-साथ महाराष्ट्र के नागपुर और भंडारा जिलों में छापेमारी की। तलाशी के दौरान 38.43 लाख रुपये की बिना हिसाब की नकदी बरामद की गई। इसके अलावा संपत्ति से जुड़े कागजात, आपत्तिजनक दस्तावेज, रिकॉर्ड और डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए गए हैं, जिनसे अवैध खनन के सबूत मिलने की बात कही जा रही है।
अवैध खनन से कमाई
जांच में सामने आया है कि यह पूरा मामला नागपुर और आसपास के इलाकों में अवैध रेत खनन से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर रेत निकाली गई और उससे होने वाली कमाई को संपत्तियों और महंगी चीजों में निवेश किया गया। ईडी इस बात की भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
बैंक बैलेंस फ्रीज
छापेमारी के दौरान ईडी ने 1.34 करोड़ रुपये के बैंक बैलेंस को फ्रीज कर दिया है। इसके साथ ही आठ वाहन जब्त किए गए हैं, जिनमें एक बीएमडब्ल्यू कार, दो फॉर्च्यूनर, एक थार, दो जेसीबी मशीनें और दो पोकलेन मशीनें शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल खनन कार्य में होने का संदेह है।
पुराना मामला
बताया जा रहा है कि यह मामला साल 2021-22 से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि कागजों में मध्य प्रदेश से खनन दिखाया गया, जबकि वास्तव में रेत महाराष्ट्र के घाटों से निकाली गई। इस पूरे मामले में एक राजनीतिक नेता का नाम भी सामने आ रहा है, जिसकी भूमिका को लेकर ईडी जांच को आगे बढ़ा रही है।