कोलकाता का ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स एक बार फिर टेस्ट क्रिकेट की गूंज से भरने जा रहा है, लेकिन इस बार माहौल बिल्कुल अलग है। 14 नवंबर से शुरू हो रहे भारत-साउथ अफ्रीका टेस्ट से ठीक पहले पिच को लेकर बड़ी खबरें सामने आई हैं काली मिट्टी की पिच, ठंडी हवा, कम घास और रिवर्स स्विंग का पूरा माहौल तैयार है। मैच से पहले गौतम गंभीर, मॉर्ने मॉर्केल और कोटक ने पिच का लंबा निरीक्षण किया और साफ संकेत दिए कि यह पिच बल्लेबाजों की तकनीक और गेंदबाजों की कला—दोनों की कड़ी परीक्षा लेने वाली है। सुबह की नमी, शाम की ठंडी हवा गेंद को हवा में हरकत दे सकती है, जबकि तीसरे दिन से पुरानी गेंद रिवर्स होकर खेल पलट सकती है।
विराट की गैरहाज़िरी और गिल की बड़ी परीक्षा
इस टेस्ट की सबसे बड़ी खबर यह है कि 15 साल बाद पहली बार ईडन गार्डन्स विराट कोहली के बिना टेस्ट मैच का गवाह बनेगा। कोहली ने यहां अपने कई यादगार शतक जड़े हैं, जो अब इतिहास का हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में कप्तान शुभमन गिल पर न सिर्फ बल्लेबाजी, बल्कि टीम के मानसिक संतुलन की भी जिम्मेदारी आ गई है। गिल ने मैच से पहले डेढ़ घंटे का लंबा नेट सेशन खेला जडेजा और सुंदर की स्पिन हो या बुमराह और रेड्डी की गति और उछाल, गिल ने हर चुनौती का सामना करते हुए खुद को लंबी पारी के लिए तैयार कर लिया है। मॉर्केल का खुद उन्हें गेंदबाजी करना इस बात का संकेत है कि टीम गिल से एक ‘स्टेटमेंट इनिंग’ की उम्मीद कर रही है।
रणनीति, कॉम्बिनेशन और प्लेयर्स की तैयारी
ईडन टेस्ट से पहले टीम इंडिया की रणनीति भी बदलती दिखाई दे रही है। यशस्वी जायसवाल का फॉर्म शानदार है और नेट्स में उनकी टाइमिंग एक बार फिर लाजवाब दिखी। तीसरे नंबर पर साई सुदर्शन की जगह पर अभी भी चर्चा जारी है, लेकिन टीम मैनेजमेंट उनके साथ टिके रहने के मूड में दिख रहा है। विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी के मोर्चे पर ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल की जोड़ी को लेकर उत्साह और दिलचस्पी दोनों बढ़ गई है। जुरेल SA-A के खिलाफ दो शतक जमाकर अपनी दावेदारी मजबूत कर चुके हैं। दूसरी तरफ बुमराह और सिराज लगातार रिवर्स स्विंग पर काम कर रहे हैं और मॉर्केल मान चुके हैं कि तीसरे दिन से पिच ‘2010 वाले ईडन’ की तरह गेंद को गजब की रिवर्स देगी।
रिकॉर्ड भारत के पक्ष में, लेकिन अफ्रीका भी तैयार
ईडन गार्डन्स में भारत का रिकॉर्ड मजबूत है 42 टेस्ट में 13 जीत, सिर्फ 9 हार और 20 ड्रॉ। साउथ अफ्रीका ने यहां तीन टेस्ट खेले हैं, जिनमें से दो भारत ने जीते हैं। इतिहास भारत के साथ है, लेकिन अफ्रीका की तेज गेंदबाजी नगीदी, जैनसेन और रबाडा इस बार बड़ी चुनौती बन सकती है। विराट कोहली की गैरमौजूदगी भारतीय प्रशंसकों को जरूर खलेगी, पर गिल की नई ब्रिगेड, जायसवाल का आत्मविश्वास और बुमराह-सिराज की रिवर्स स्विंग का हथियार इस मुकाबले को बेहद रोमांचक बना देगा। अब देखना यह है कि छह साल बाद ईडन में टेस्ट की वापसी भारत की जीत की नई कहानी लिखेगी या अफ्रीका सबको चौंका देगा।