ED big disclosure: ईडी के 70वें स्थापना दिवस पर एजेंसी ने अपनी बड़ी उपलब्धियां साझा कीं। डायरेक्टर राहुल नवीन ने बताया कि बदलते समय के साथ आर्थिक अपराधों का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है, जिसमें अब साइबर फ्रॉड, क्रिप्टो और टेरर फंडिंग जैसी नई चुनौतियां सामने आ रही हैं।
रिकॉर्ड स्तर पर संपत्ति अटैच
ED ने पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 81,422 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 170 फीसदी ज्यादा है। कुल मिलाकर अब तक एजेंसी 2.36 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त कर चुकी है।
जांच और कार्रवाई में तेजी
डायरेक्टर के मुताबिक, इस दौरान PMLA के तहत 812 चार्जशीट दाखिल की गईं, जिनमें बड़ी संख्या में सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी शामिल हैं। ED की कनविक्शन रेट 94 प्रतिशत बताई गई है, जो एजेंसी की कार्रवाई की प्रभावशीलता को दिखाती है।
पीड़ितों को मिली राहत
सरकार द्वारा कानून में बदलाव के बाद अब तक 63,142 करोड़ रुपये बैंकों, निवेशकों और घर खरीदारों को लौटाए जा चुके हैं। इससे उन लोगों को राहत मिली है, जो आर्थिक अपराधों का शिकार हुए थे।
भगोड़ा आर्थिक अपराधियों पर भी कार्रवाई
एजेंसी ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून के तहत 54 लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, जिनमें से 21 को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। ED का कहना है कि उसका मकसद सिर्फ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित संपत्ति को समाज तक वापस पहुंचाना भी है।