NEET - PG 2025 : राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस) ने सोमवार को पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए एक ही पाली में परीक्षा आयोजित करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नीट-पीजी 2025 परीक्षा स्थगित करने की घोषणा की. न्यायालय के आदेश के अनुपालन में, एनबीईएमएस ने कहा कि नीट-पीजी 2025, जो पहले 15 जून के लिए निर्धारित था, अब लॉजिस्टिक समायोजन की अनुमति देने के लिए बाद की तारीख में आयोजित किया जाएगा. बोर्ड ने इस बात पर जोर दिया कि स्थगन का उद्देश्य परीक्षा केंद्रों की संख्या का विस्तार करना और निष्पक्षता और सुरक्षा के लिए न्यायालय के मानकों को पूरा करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को उन्नत करना है.
क्या है कोर्ट का मत
एनबीईएमएस के आदेश में कहा गया है, "एनबीईएमएस एक ही पाली में नीट-पीजी 2025 आयोजित करेगा. 15.06.2025 को आयोजित होने वाली नीट-पीजी 2025 को अधिक टेस्ट सेंटर और आवश्यक बुनियादी ढांचे की व्यवस्था करने के लिए स्थगित कर दिया गया है. नीट-पीजी 2025 के आयोजन की संशोधित तिथि जल्द ही अधिसूचित की जाएगी. " यह घोषणा रिट याचिका संख्या 456/2025 (अदिति एवं अन्य बनाम राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड एवं अन्य) के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के जवाब में की गई है, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय ने अधिकारियों को नीट-पीजी 2025 के आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया था. पीठ ने अपने आदेश में कहा, "हम प्रतिवादियों को निर्देश देते हैं कि वे NEET-PG 2025 परीक्षा को एक ही पाली में आयोजित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था करें, ताकि पूरी पारदर्शिता बनी रहे और सुरक्षित केंद्रों की पहचान की जाए और उन्हें चालू किया जाए.
NEET-PG परीक्षा पूरे भारत में स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है. एक ही पाली में परीक्षा आयोजित करने से कठिनाई के स्तरों में असमानता कम होने और परीक्षा प्रक्रिया की समग्र अखंडता में सुधार होने की उम्मीद है.
सुप्रीम कोर्ट ने 30 मई को राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (NBE) को स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET-PG) 2025 को एक ही पाली में आयोजित करने का निर्देश दिया था.
जस्टिस विक्रम नाथ, संजय कुमार और एनके अंजारिया की अवकाश पीठ ने NBE के दो पालियों में परीक्षा आयोजित करने के फैसले को खारिज करते हुए कहा कि इससे "मनमानी" होती है.
पीठ ने कहा कि यदि एनबीई को लगता है कि परीक्षा की निर्धारित तिथि 15 जून तक व्यवस्थाएं नहीं की जा सकती हैं तो वे समय विस्तार के लिए आवेदन कर सकते हैं.
दो शिफ्ट में परीक्षा आयोजित करने से मनमानी होती है और इससे समान अवसर नहीं मिल पाते. दो शिफ्ट में प्रश्नपत्र कभी भी एक ही कठिनाई स्तर के नहीं हो सकते… परीक्षा निकाय को एक शिफ्ट में परीक्षा आयोजित करने की व्यवस्था करने पर विचार करना चाहिए था,” आदेश में कहा गया.
जब एनबीई के वकील ने कहा कि एक शिफ्ट में परीक्षा आयोजित करने के लिए 900 अतिरिक्त केंद्रों की व्यवस्था करनी होगी, जो 15 जून से पहले संभव नहीं है, तो पीठ ने कहा, “हम यह स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं कि पूरे देश में और इस देश में तकनीकी प्रगति को देखते हुए परीक्षा निकाय को एक शिफ्ट में परीक्षा आयोजित करने के लिए पर्याप्त केंद्र नहीं मिल सके. वकील ने आगे कहा कि एनबीई के पास एक शिफ्ट में परीक्षा आयोजित करने के लिए बहुत सीमित केंद्र हैं.
वाई-फाई के लिए बुनियादी ढांचा, अच्छी कंप्यूटर सुरक्षा, आदि सभी संभावित समस्याओं पर विचार किया गया है और फिर यह समाधान (दो शिफ्टों का) दिया गया है, "वकील ने कहा.
वकील ने कहा कि 2.5 लाख से अधिक उम्मीदवारों में से केवल मुट्ठी भर ने ही दो पालियों में परीक्षा आयोजित करने के एनबीई के फैसले के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है.
शीर्ष अदालत दो पालियों में नीट-पीजी 2025 के आयोजन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी.