मिस्र के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलट्टी ने मध्य पूर्व में तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा करने के लिए सऊदी, जॉर्डन और जर्मन समकक्षों के साथ-साथ यूरोपीय आयोग के अधिकारियों के साथ अलग-अलग फोन पर बातचीत की।
पूर्ण अराजकता से बचाने का एकमात्र उपाय
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फोन पर हुई इस बातचीत में अधिकारियों ने तनाव को तत्काल कम करने के प्रयासों को जारी रखने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राजनयिक मार्ग को प्राथमिकता देना और संवाद का रास्ता अपनाना ही क्षेत्र को विनाशकारी परिणामों वाली पूर्ण अराजकता से बचाने का एकमात्र उपाय है।
विनाशकारी परिणामों से बचाना था
इन बातचीत में मिस्र द्वारा क्षेत्रीय साझेदारों के समन्वय से अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता को आगे बढ़ाने के प्रयासों की भी समीक्षा की गई, जिसका उद्देश्य वर्तमान संकट को समाप्त करना और क्षेत्र तथा विश्व को विनाशकारी परिणामों से बचाना था।
तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा
इससे पहले दिन में अब्देलट्टी इस्लामाबाद के लिए रवाना हुए, जहां उन्होंने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के अपने समकक्षों के साथ एक चतुष्पक्षीय मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया। इस बैठक में क्षेत्र में जारी सैन्य तनाव और तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा की गई। इस बीच, तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने शनिवार को मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष पर अधिकतम संयम बरतने का आह्वान किया और चेतावनी दी कि आगे तनाव बढ़ने से पूरे क्षेत्र में गंभीर और दीर्घकालिक क्षति हो सकती है।
मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी उत्पन्न करेंगे
इस्तांबुल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक संचार शिखर सम्मेलन में फिदान ने कहा कि मौजूदा तनाव से विभाजन और गहरा सकता है और इससे उन देशों पर भी असर पड़ सकता है, जिनका इतिहास आपस में घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसके परिणाम केवल तात्कालिक विनाश तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि दीर्घकालिक सामाजिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी उत्पन्न करेंगे।