Eid ul Adha 2026: ईद-उल-अजहा यानी बकरीद इस्लाम धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक मानी जाती है। दुनियाभर के मुस्लिम समुदाय के लोग इस पर्व को बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं। साल 2026 में सऊदी अरब में जुलहिज्जा महीने का चांद दिखाई देने के बाद बकरीद की तारीख को लेकर लोगों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। भारत समेत कई देशों में अब चांद दिखने के आधार पर त्योहार की तारीख तय की जाएगी।
सऊदी अरब में नजर आया जुलहिज्जा का चांद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सऊदी अरब में जुलहिज्जा 1447 हिजरी का चांद दिखाई दे चुका है। इसके साथ ही हज यात्रा की प्रमुख रस्मों की तारीखें भी तय हो गई हैं। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार जुलहिज्जा का महीना बेहद पवित्र माना जाता है और इसी महीने में ईद-उल-अजहा मनाई जाती है। सऊदी अरब में चांद दिखने के बाद वहां बकरीद की तैयारियां तेज हो गई हैं।
भारत में कब मनाई जाएगी बकरीद?
भारत में ईद-उल-अजहा की तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है। आमतौर पर सऊदी अरब के एक दिन बाद भारत में बकरीद मनाई जाती है। यदि भारत में तय समय पर जुलहिज्जा का चांद दिखाई देता है, तो देशभर में अगले दिन ईद मनाई जाएगी। मुस्लिम धर्मगुरुओं के अनुसार, स्थानीय चांद देखने की परंपरा के आधार पर अंतिम घोषणा की जाती है।
ईद-उल-अजहा का धार्मिक महत्व
बकरीद का त्योहार हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। इस दिन लोग नमाज अदा करते हैं और अल्लाह की राह में कुर्बानी देते हैं। इस पर्व का संदेश त्याग, समर्पण और इंसानियत की भावना को मजबूत करना है। मुस्लिम समाज में यह त्योहार भाईचारे और जरूरतमंदों की मदद का प्रतीक भी माना जाता है।
बाजारों में बढ़ी रौनक और तैयारियां
बकरीद को लेकर बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ने लगी है। कपड़ों, सेवइयों और अन्य जरूरी सामानों की खरीदारी शुरू हो चुकी है। कई शहरों में मस्जिदों और ईदगाहों की साफ-सफाई का काम भी तेज हो गया है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में इस त्योहार को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है।
चांद देखने के बाद होगी अंतिम घोषणा
भारत में विभिन्न चांद कमेटियां आसमान में चांद दिखाई देने के बाद ही आधिकारिक तौर पर ईद की तारीख का ऐलान करेंगी। ऐसे में लोगों की नजरें अब चांद देखने पर टिकी हुई हैं। त्योहार के करीब आते ही सोशल मीडिया पर भी बकरीद को लेकर शुभकामनाओं और तैयारियों की चर्चा तेज हो गई है।