ईद उल अजहा (Bakrid 2025) को लेकर मध्य प्रदेश में प्रशासन और वक्फ बोर्ड पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। त्योहार से पहले वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सनव्वर पटेल ने सख्त एडवाइजरी जारी की है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि इस बार ईद की नमाज केवल ईदगाह और
मस्जिद परिसरों में ही अदा की जाएगी। सड़क पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही कुर्बानी केवल निर्धारित और ढंके हुए स्थानों पर ही की जा सकेगी। सोशल मीडिया पर कुर्बानी के फोटो और वीडियो शेयर करना सख्त मना है। प्रतिबंधित जानवरों
की कुर्बानी पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। सफाई और कानून व्यवस्था के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं...
ईदगाह
में होंगे विशेष इंतजाम
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने गुरुवार को ईदगाह का निरीक्षण किया और तैयारियों का जायजा लिया। 7 जून को सुबह 6.30 बजे ईदगाह में नमाज अदा की जाएगी। इस मौके पर लगभग 250 वॉलिंटियर्स तैनात रहेंगे। पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है और नए इंतजामों को अमल में लाया जा रहा है।
प्रमुख मस्जिदों में ईद की नमाज का समय
ईदगाह: 6:30 बजे
ताजुल मसाजिद: 6:45 बजे
जामा मस्जिद: 7:00 बजे
मोती मस्जिद: 7:15 बजे
मस्जिद बिलकिस जहां: 7:30 बजे
सोशल मीडिया पर सतर्कता
एडवाइजरी में खास तौर पर कहा गया है कि सोशल मीडिया पर कुर्बानी के फोटो और वीडियो पोस्ट न करें। यह धार्मिक सौहार्द बिगाड़ सकता है और कानून व्यवस्था पर असर डाल सकता है।
कुर्बानी
सिर्फ तय स्थानों पर
नगर निगम ने अस्थायी कुर्बानीगाहों का निर्माण किया है। सार्वजनिक स्थलों, गलियों या खुली जगहों पर कुर्बानी करने पर कार्रवाई की जाएगी।
“जानवरों का खून बहाना अनुचित” – नियाज खान
MP के आईएएस अफसर और लेखक नियाज खान ने भी दो ट्वीट्स के जरिए पशुहत्या पर चिंता जताई है। उन्होंने लिखा, “यह धरती केवल इंसानों की नहीं, जानवरों और पेड़ों का भी अधिकार है। कुर्बानी में खून बहाना अनुचित है।”