केंद्रीय कर्मचारियों के लिए साल 2026 सिर्फ कैलेंडर का बदलाव नहीं होगा, बल्कि सैलरी के लिहाज से एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। 8वें वेतन आयोग को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों के बीच अब तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती दिख रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि नई बेसिक सैलरी कितनी होगी और बढ़ोतरी का आधार क्या रहेगा।
क्यों दिख रही है बड़ी सैलरी जंप
8वें वेतन आयोग में बड़ी बढ़ोतरी की सबसे अहम वजह महंगाई भत्ता यानी DA है। मौजूदा 7वें वेतन आयोग के तहत DA जनवरी 2026 तक करीब 60 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है, उस समय तक जुड़ा हुआ DA नई बेसिक सैलरी में एडजस्ट कर दिया जाता है। यही वजह है कि नई बेसिक का शुरुआती आधार पहले से ही काफी ऊपर चला जाता है।
फिटमेंट फैक्टर का गणित कैसे बन रहा है
7वें वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। अगर इसमें 60 प्रतिशत DA जोड़ दिया जाए तो प्रभावी वेतन 28,800 रुपये बनता है। ऐसे में 8वें वेतन आयोग के लिए फिटमेंट फैक्टर 1.60 से नीचे रखना गणितीय रूप से मुश्किल माना जा रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक फिटमेंट फैक्टर 1.92 से 2.08 के बीच रहने की संभावना सबसे ज्यादा मजबूत है।
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नई न्यूनतम बेसिक सैलरी कितनी हो सकती है
अगर फिटमेंट फैक्टर 1.92 माना जाए तो 18,000 रुपये की बेसिक बढ़कर 34,560 रुपये हो जाएगी। वहीं अगर यह 2.08 रहा तो नई बेसिक सैलरी 37,440 रुपये तक पहुंच सकती है। इसी वजह से 34,560 से 37,440 रुपये की रेंज को सबसे ज्यादा रियलिस्टिक माना जा रहा है।
DA का क्या होगा नया सिस्टम
नया वेतन आयोग लागू होते ही पुराना DA बेसिक में मर्ज कर दिया जाएगा और DA फिर से 0 प्रतिशत से शुरू होगा। इसके बाद हर छह महीने में CPI-IW के आधार पर DA बढ़ेगा। शुरुआती एक-दो साल DA कम लग सकता है, लेकिन उसके बाद ग्रोथ तेज हो जाती है।
भत्तों और रिटायरमेंट पर असर
नई बेसिक सैलरी के साथ HRA, TA, PF, ग्रेच्युटी और पेंशन सभी का दोबारा निर्धारण होगा। HRA सीधे बेसिक से जुड़ा होता है, इसलिए बेसिक बढ़ते ही हाउस रेंट अलाउंस में भी बड़ा उछाल आएगा। इसी तरह PF और पेंशन की गणना भी नई बेसिक के आधार पर होगी।
कुल मिलाकर, 8वें वेतन आयोग के साथ सिर्फ सैलरी नहीं, बल्कि केंद्रीय कर्मचारियों की पूरी वेतन और रिटायरमेंट संरचना नए सिरे से रीसेट होती दिख रही है। मौजूदा संकेतों के आधार पर इतना तय माना जा रहा है कि 2026 में बेसिक सैलरी 34,560 से 37,440 रुपये के बीच पहुंच सकती है, और यही बढ़ोतरी आगे के सभी भत्तों और लाभों की नींव बनेगी।