Election Atmosphere: महाराष्ट्र में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों से पहले सियासी माहौल उस वक्त बदल गया, जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव प्रचार में हिस्सा न लेने का फैसला किया। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के एक विमान हादसे में निधन के बाद राज्य में शोक की स्थिति है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने यह निर्णय लिया है। राज्य में अब मतदान 7 फरवरी को होगा, जबकि मतगणना 9 फरवरी को कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री का फैसला
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि वह जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों से जुड़े किसी भी प्रचार कार्यक्रम में भाग नहीं लेंगे। उन्होंने स्थानीय नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी संभालें। पहले मुख्यमंत्री की कई जनसभाएं तय थीं, लेकिन शोक के कारण सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।
आयोग ने लिया निर्णय
राज्य चुनाव आयोग ने भी हालात को देखते हुए चुनावी कार्यक्रम में संशोधन किया है। बारामती में हुए विमान हादसे के बाद तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई थी। इसी वजह से पहले 5 फरवरी को प्रस्तावित मतदान को बढ़ाकर 7 फरवरी कर दिया गया, जबकि प्रचार 5 फरवरी को ही समाप्त होगा।
एनसीपी को झटका
अजित पवार के निधन के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा ने नई बहस को जन्म दिया है। जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव से ठीक पहले यह घटनाक्रम एनसीपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
आगे की रणनीति पर नजर
अजित पवार के जाने के बाद एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर चल रही बातचीत पर भी असमंजस की स्थिति बन गई है। शरद पवार की ओर से आए बयान के बाद यह संकेत मिल रहे हैं कि फिलहाल पार्टी की प्राथमिकता शोक और संगठन को संभालने की है। आने वाले दिनों में चुनाव नतीजे यह तय करेंगे कि राज्य की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।