Last Date filling SIR form: चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की शुद्धता बढ़ाने के उद्देश्य से चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्यक्रम की समयसीमा बढ़ा दी है। पहले यह प्रक्रिया 4 दिसंबर 2025 तक निर्धारित थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दिया गया है। इस बदलाव से उन नागरिकों को राहत मिलेगी, जो अभी तक SIR संबंधी फॉर्म नहीं भर पाए थे। देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में BLO द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन और फॉर्म भरवाने का काम चल रहा है। आयोग का कहना है कि समय बढ़ने से सूची को अधिक सटीक बनाने का अवसर मिलेगा और हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में सही तरीके से शामिल किया जा सकेगा।
क्या है SIR और क्यों ज़रूरी?
SIR का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट से फर्जी और डुप्लीकेट नामों को हटाना और वैध मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करना है। कई बार एक व्यक्ति का नाम अलग-अलग जगहों पर दर्ज पाया जाता है, जिससे चुनावी पारदर्शिता प्रभावित होती है। SIR ऐसी गड़बड़ियों को दूर करने का एक विशेष अभियान है। इससे पहले बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले यही प्रक्रिया अपनाई गई थी, जिसके बाद लगभग 47 लाख फर्जी मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए थे। अब जारी अभियान में भी बूथ स्तर पर बड़े पैमाने पर सत्यापन और पुनर्गठन किया जा रहा है।
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नई टाइमलाइन और समयसीमा बढ़ाने की वजह
नई तिथि के अनुसार, BLO द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन अब 11 दिसंबर तक पूरा किया जाएगा। इसके बाद 12 से 15 दिसंबर के बीच कंट्रोल टेबल अपडेट और ड्राफ्ट रोल तैयार होगा, जबकि 16 दिसंबर को ड्राफ्ट रोल प्रकाशित होगा। दावे–आपत्तियां 15 जनवरी 2026 तक स्वीकार की जाएंगी और उनका निस्तारण 7 फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को जारी होगी। आयोग ने बताया कि समयसीमा बढ़ाने से BLO और ERO दोनों को सत्यापन और सुनवाई के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा, जिससे अंतिम मतदाता सूची और अधिक विश्वसनीय और त्रुटिरहित बन पाएगी।