
दुलारचंद हत्याकांड में चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को दंडित किया है। इनमें से एक एसपी समेत तीन अधिकारियों का तबादला किया गया है, जबकि एक अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।
पटना के ग्रामीण एसपी विक्रम सिंह सिहाग का तबादला कर दिया गया है। बाढ़ के एसडीओ चंदन कुमार का तबादला कर दिया गया है, उनकी जगह 2022 बैच के आईएएस अधिकारी आशीष कुमार को नियुक्त किया गया है। बाढ़ के एसडीपीओ-1 राकेश कुमार का तबादला कर दिया गया है, जबकि एसडीपीओ-2 अभिषेक सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई
अभिषेक सिंह की जगह एटीएस में तैनात डीएसपी आयुष श्रीवास्तव को एसडीपीओ-2 बनाया गया है। चुनाव आयोग ने बिहार के डीजीपी विनय कुमार से इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और उनसे पूछा है कि चुनाव प्रचार के दौरान सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।
हृदय और फेफड़ों में चोट लगना है
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि दुलारचंद यादव की मौत गोली लगने से नहीं हुई थी। उनकी मौत का कारण हृदय और फेफड़ों में चोट लगना बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुलारचंद के पैर में गोली लगी थी। मगर यह उनकी मौत का कारण नहीं था।
बिहार की राजनीति में बाहुबलियों का गढ़ मोकामा
मोकामा लंबे वक्त से बिहार की राजनीति में बाहुबलियों का गढ़ माना जाता रहा है। बाहुबलियों में अनंत कुमार सिंह, उनके भाई दिलीप सिंह और सूरजभान सिंह के नाम इनमे शामिल हैं। इन सीट पर 6 नवंबर को पहले चरण की वोटिंग होगी। जेडीयू के अनंत सिंह और राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार वीणा देवी के बीच कड़ा मुकबाला बताया जा रहा है। वीणा देवी पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की धर्मपत्नी हैं. अनंत सिंह और सूरजभान दोनों भूमिहार समुदाय में गिने जाते हैं। इससे राजनीतिक विरासत का टकराव उत्पन्न होता है। आपको बता दें कि बिहार विधानसभा में 243 सीटों को लेकर दो चरणों में मतदान होगा। पहला चरण 6 और दूसरा 11 नवंबर को होगा. चुनाव के परिणाम 14 नवंबर को सामने आएंगे।