
Election Commission: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक के कलबुर्गी जिले की आलंद विधानसभा सीट पर कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की कोशिश की गई। राहुल गांधी का कहना था कि चुनाव आयोग के स्तर पर गड़बड़ी की गई है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उनके इस बयान ने सियासी हलचल तेज कर दी और अब इस पर आयोग की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
आयोग ने कहा- "कोई वोट बिना सुनवाई हट नहीं सकता"
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह झूठा और निराधार करार दिया। आयोग ने साफ किया कि किसी भी आम नागरिक को ऑनलाइन जाकर वोट हटाने का अधिकार नहीं है और यह धारणा गलत है। आयोग के अनुसार, किसी भी मतदाता का नाम लिस्ट से तभी हटाया जा सकता है जब उसे अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए। यानी बिना सुनवाई के मतदाताओं के नाम काटने का सवाल ही नहीं उठता।
यह भी देखेंःSeven Years in Prison in Meerut: मेरठ में बॉडी बिल्डर संचित गुप्ता समेत नौ दोषियों को 7-7 साल की सजा
2023 में असफल प्रयासों पर हुई थी FIR
चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि 2023 में आलंद विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के नाम हटाने की कुछ असफल कोशिशें जरूर हुई थीं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वयं आयोग ने FIR दर्ज कराई थी और जांच कराई गई थी। आयोग ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2018 में यहां भाजपा के सुभाध गुट्टेदार ने जीत दर्ज की थी, जबकि 2023 में कांग्रेस के बीआर पाटिल विजयी रहे। आयोग ने राहुल गांधी के दावों को तथ्यों के विपरीत बताते हुए कहा कि गलत जानकारी से जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है।