केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। इस बजट में सरकार ने विकास, रोजगार और बुनियादी ढांचे पर खास जोर दिया है। खास बात यह रही कि जिन राज्यों में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां के लिए कई बड़े ऐलान किए गए। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल जैसे राज्यों को बजट में सीधा फायदा मिलने वाला है। सरकार का फोकस साफ है कि इन राज्यों में विकास की रफ्तार तेज की जाए और लोगों को रोजगार के नए मौके मिलें।
खनिज से भरपूर राज्यों को नई पहचान
बजट में ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे खनिज संपन्न राज्यों के लिए खास योजना लाई गई है। वित्त मंत्री ने बताया कि इन राज्यों में खनिज आधारित पार्क बनाए जाएंगे, जिससे खनन से लेकर प्रोसेसिंग और उत्पादन तक का काम एक ही जगह पर हो सके। इसका सीधा फायदा स्थानीय युवाओं को रोजगार के रूप में मिलेगा। सरकार का मकसद है कि कच्चे माल को बाहर भेजने की बजाय यहीं पर तैयार माल बनाया जाए, जिससे राज्यों की आमदनी भी बढ़े।
रेयर अर्थ के लिए बड़ा कदम
भारत की रेयर अर्थ खनिजों के लिए विदेशी निर्भरता कम करने के उद्देश्य से सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। तमिलनाडु, केरल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में रेयर अर्थ के लिए अलग गलियारे बनाए जाएंगे। वित्त मंत्री ने बताया कि इससे खनन, रिसर्च और निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। सरकार चाहती है कि भविष्य की तकनीक और उद्योग के लिए जरूरी खनिज भारत में ही तैयार हों, ताकि देश आत्मनिर्भर बन सके और नए उद्योग खड़े हों।
वाराणसी से सिलीगुड़ी तक तेज रेल कनेक्शन
बजट में रेल नेटवर्क को मजबूत करने पर भी खास ध्यान दिया गया है। सरकार ने 7 उच्च गति रेल गलियारों का प्रस्ताव रखा है। इनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी जैसे अहम रास्ते शामिल हैं। इन रेल परियोजनाओं का मकसद छोटे और मझोले शहरों को बड़े शहरों से जोड़ना है। इससे यात्रा आसान होगी, व्यापार बढ़ेगा और पर्यटन को भी मजबूती मिलेगी। यह गलियारे देश के पश्चिम, दक्षिण, उत्तर और पूर्वी हिस्सों को एक साथ जोड़ेंगे।
पूर्वी भारत को शिक्षा और उद्योग का तोहफा
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि पूर्वी भारत में ऑल इंडिया डिजाइन संस्थान बनाया जाएगा। इसके साथ ही दुर्गापुर को उत्तर पूर्व औद्योगिक गलियारे से जोड़ा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे पूर्वी भारत में उद्योग, शिक्षा और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। डिजाइन संस्थान से युवाओं को आधुनिक शिक्षा मिलेगी और वे देश-विदेश में अपनी पहचान बना सकेंगे।
महिलाओं और स्वास्थ्य पर भी फोकस
बजट में महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। हर जिले में महिला छात्रावास बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि पढ़ाई के लिए बाहर जाने वाली लड़कियों को सुरक्षित सुविधा मिल सके। इसके अलावा 5 मेडिकल हब, 3 नए आयुर्वेद संस्थान और मेडिकल टूरिज्म के लिए ढांचा तैयार करने की बात कही गई है। सरकार का साफ संदेश है कि विकास के साथ-साथ समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा जाएगा।