मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ से अधिक आबादी चुनौती नहीं, बल्कि बड़ी संभावना है। प्रदेश के प्रतिभाशाली और ऊर्जावान युवाओं को उचित मंच देकर उनकी क्षमता को डेमोग्राफिक डिविडेंड में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि ‘नया यूपी’ पीछे हटने वाला नहीं, बल्कि तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
मिशन पोर्टल का शुभारंभ भी किया
मुख्यमंत्री गुरुवार को लोकभवन में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति के तहत 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ रुपये से अधिक और नौ इनक्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित करने के बाद युवा उद्यमियों व उद्योग प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 पुस्तिका का विमोचन करने के साथ उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन पोर्टल का शुभारंभ भी किया।
2014 से पहले देश में केवल 500 स्टार्टअप
योगी ने कहा कि 2014 से पहले देश में केवल 500 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 2.5 लाख से अधिक हो गई है। उत्तर प्रदेश में भी 2017 से पहले सिर्फ 120 स्टार्टअप थे, जो अब बढ़कर 24 हजार से अधिक हो चुके हैं। इनमें आठ यूनिकॉर्न शामिल हैं। सरकार ने 12 नए इनक्यूबेटर्स को मान्यता देने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई है।
जरूरत पड़ने पर इसकी राशि बढ़ाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप्स का करीब आधा संचालन महिलाएं कर रही हैं। सरकार ने आईआईटी कानपुर, बीएचयू, आईआईटी-बीएचयू, एकेटीयू और आईआईएम जैसे संस्थानों के प्रस्तावों को प्रोत्साहित किया है। वर्ष 2019 में सिडबी के साथ फंड ऑफ फंड्स की व्यवस्था शुरू की गई थी, जरूरत पड़ने पर इसकी राशि बढ़ाई जाएगी।
सरकार युवाओं के हर प्रयास में सहयोग
उन्होंने विश्वविद्यालयों से पारंपरिक पाठ्यक्रमों से आगे बढ़कर शोध और नवाचार का वातावरण तैयार करने का आह्वान किया। सरकार ने इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों को अलग फंड उपलब्ध कराया है। क्वांटम कंप्यूटिंग, ड्रोन, रोबोटिक्स, अंतरिक्ष तकनीक और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में एक दर्जन से अधिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं। योगी ने कहा कि स्टार्टअप क्षेत्र में यूपी की हिस्सेदारी आबादी के अनुपात में बढ़नी चाहिए और सरकार युवाओं के हर प्रयास में सहयोग करेगी।