लखनऊ। शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे बीटीसी और बीएड प्रशिक्षुओं को अब प्रशिक्षण संस्थानों में पढ़ाई के साथ विद्यालयों में पढ़ाने का व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इंटर्नशिप व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू कराने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत बीटीसी प्रशिक्षुओं को परिषदीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में, जबकि बीएड प्रशिक्षुओं को राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अभी तक इंटर्नशिप की व्यवस्था होने के बावजूद उसके क्रियान्वयन में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिख रही थी। अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को इसे व्यवस्थित ढंग से संचालित कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिलों में इसकी नियमित समीक्षा करने को कहा है।
इंटर्नशिप के दौरान प्रशिक्षु पाठ योजना तैयार करने, कक्षा में अध्यापन, विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता का आकलन और कक्षा प्रबंधन सीखेंगे। उन्हें अलग-अलग क्षमता वाले बच्चों को पढ़ाने, अनुशासन बनाए रखने और शिक्षण को रुचिकर बनाने का अनुभव मिलेगा। प्रशिक्षण संस्थानों में सीखी गई विधियों को विद्यालयों में आजमाने का अवसर भी मिलेगा।
विभाग ने विद्यालयों में हो रहे शैक्षिक नवाचारों को साझा करने पर भी जोर दिया है। किसी स्कूल में पढ़ाई या अन्य शैक्षिक गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिए किए गए प्रयोगों की जानकारी इंटरनेट मीडिया पर साझा की जाएगी, ताकि दूसरे विद्यालयों के शिक्षक भी उनसे सीखकर अपने यहां लागू कर सकें।