कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि रविवार सुबह उसके आसमान में कई ड्रोन दिखाई दिए जिन्हें पूरे ऐहतियात के साथ निपटा दिया गया। मंत्रालय ने ये नहीं बताया कि दुश्मन ड्रोन किसके थे। सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता, ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने कहा कि सेना ने रविवार सुबह कुवैती हवाई क्षेत्र में कई दुश्मन ड्रोन देखे, और उन्हें तय नियमों के तहत निपटा दिया गया। सेना देश की सुरक्षा के साथ ही अपने नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए तत्पर है।
मालवाहक जहाज पर ड्रोन हमला किया
ये खबर कतर के मालवाहक जहाज के उसके समुद्री क्षेत्र में हुए कथित ड्रोन हमले के बीच सामने आई है। पहले यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स एजेंसी ने दावा किया था कि दोहा के उत्तर पूर्व में सुबह हमला हुआ था। इसके बाद कतर ने पुष्टि की कि रविवार को उसके समुद्री क्षेत्र में एक मालवाहक जहाज पर ड्रोन हमला किया गया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह जहाज अबू धाबी से आ रहा था। हमले के बाद जहाज में आग लगी, लेकिन जल्द ही उसको काबू में कर लिया गया। इस घटना में किसी के घायल या हताहत होने की खबर नहीं है। मंत्रालय के अनुसार आग बुझाने के बाद जहाज की यात्रा जारी रही और वह मेसाईद बंदरगाह की ओर बढ़ गया।
राजनीतिक व्यवस्था भी कमजोर नहीं पड़ी
इस बीच ईरानी सेना के एक प्रवक्ता की चेतावनी भी सुर्खियों में है। उन्होंने कहा कि जो देश अमेरिकी प्रतिबंध ईरान पर लागू करेंगे, उन्हें होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, ब्रिगेडियर जनरल अकरमी निया ने कहा कि युद्ध में दुश्मन अपने किसी भी मकसद में कामयाब नहीं हुआ और ईरान की राजनीतिक व्यवस्था भी कमजोर नहीं पड़ी। इसके उलट देश के लोग एक सूत्र में बंधे।
निया के मुताबिक, दुश्मन जानता है कि वह ईरान की प्रतिरोधक क्षमता को नहीं तोड़ सकता, इसलिए आखिरकार उसे सीजफायर मानना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि जारी सीजफायर के दौरान ईरान ने अपनी सैन्य ताकत और क्षमताओं को और मजबूत किया है।