देश में प्रवेश परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने छह सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया है। यह कदम हाल में परीक्षा प्रणाली को लेकर उठे विवादों और सुधार की मांग के बीच उठाया गया है। सरकार ने इस टीम को प्रवेश परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी है। इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि करेंगे।
नंदन नीलेकणि संभालेंगे नेतृत्व
टास्क फोर्स की कमान नंदन नीलेकणि को दी गई है, जिन्हें आधार प्रणाली के विकास में अहम भूमिका निभाने के लिए भी जाना जाता है। वह भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के पहले अध्यक्ष रह चुके हैं। नंदन नीलेकणि ने आईआईटी बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। सरकार को उम्मीद है कि डिजिटल सिस्टम और तकनीक के क्षेत्र का उनका अनुभव परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करेगा।
आईआईटी और इसरो के विशेषज्ञ भी शामिल
इस टास्क फोर्स में आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी कामकोटी और इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ को भी शामिल किया गया है। प्रो. कामकोटी ने कंप्यूटर साइंस में बीई के बाद आईआईटी मद्रास से एमएस (रिसर्च) और पीएचडी की है। वहीं डॉ. सोमनाथ ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक, आईआईएससी बेंगलुरु से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में एमटेक और आईआईटी मद्रास से पीएचडी की डिग्री हासिल की है।
प्रशासन और सुरक्षा का भी अनुभव
परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन और सुरक्षा क्षेत्र के अनुभवी अधिकारियों को भी टास्क फोर्स में जगह दी गई है। पूर्व आईबी निदेशक आईपीएस तपन डेका इसमें शामिल हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से फिजिक्स में एमएससी की है। वहीं पूर्व सीबीएसई अध्यक्ष और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनीता करवाल भी सदस्य हैं। उन्होंने लेडी श्रीराम कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है और शिक्षा प्रशासन में लंबा अनुभव रखती हैं।
अनुभवी आईएएस अमृत लाल मीणा भी टीम में
टास्क फोर्स के छठे सदस्य वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमृत लाल मीणा हैं। वह बिहार के मुख्य सचिव और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उन्होंने मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT), जयपुर से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीई किया है। उन्हें प्रशासन और लॉजिस्टिक्स का व्यापक अनुभव है।
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परीक्षा प्रणाली में सुधार पर रहेगा फोकस
सरकार का उद्देश्य इस टास्क फोर्स के जरिए प्रवेश परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है। उम्मीद की जा रही है कि यह टीम परीक्षा संचालन, तकनीकी सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और डिजिटल निगरानी से जुड़े सुधारों पर सुझाव देगी। इन सुझावों के आधार पर भविष्य में देश की प्रवेश परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।