EPFO Action Noida : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ ने गौतम बुद्ध नगर की करीब 800 कंपनियों को लेकर सख्ती दिखाई है। इन कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों का अभी तक पीएफ में नामांकन पूरा नहीं हुआ है। ईपीएफओ ने संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी करते हुए 31 अक्टूबर तक कर्मचारियों का पीएफ नामांकन पूरा करने का समय दिया है। तय समय के बाद भी नियमों का पालन नहीं हुआ तो कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
800 कंपनियां ईपीएफओ के निशाने पर क्यों आईं?
ईपीएफओ ने गौतम बुद्ध नगर में करीब 800 ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान की है, जहां कर्मचारियों को अभी तक पीएफ व्यवस्था से नहीं जोड़ा गया है। इनमें रेस्टोरेंट, मैनपावर एजेंसियां, भवन निर्माण से जुड़े ठेकेदार, परिवहन कंपनियां और दूसरे प्रतिष्ठान शामिल हैं। विभाग ने इन कंपनियों को कर्मचारियों का नामांकन पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
कर्मचारियों के लिए क्यों जरूरी है पीएफ?
पीएफ केवल हर महीने वेतन से कटने वाली रकम नहीं है। यह कर्मचारी की भविष्य की आर्थिक सुरक्षा से भी जुड़ा है। पीएफ व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को भविष्य निधि के साथ पेंशन और बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभ भी मिल सकते हैं। ऐसे में किसी कर्मचारी का पीएफ में नामांकन नहीं होना उसके लिए चिंता की बात हो सकती है।
31 अक्टूबर तक पूरा करना होगा नामांकन
ईपीएफओ ने इन कंपनियों को 31 अक्टूबर तक का समय दिया है। संगठन का कहना है कि नियोक्ताओं की जिम्मेदारी है कि पात्र कर्मचारियों को पीएफ व्यवस्था से जोड़ा जाए। कंपनियों को नामांकन की प्रक्रिया पूरी करने और नियमों का पालन करने के लिए जरूरी जानकारी भी दी जा रही है।
पहले समझाया जाएगा, फिर होगी कार्रवाई
ईपीएफओ ने फिलहाल जागरूकता और नियमों का पालन कराने पर जोर दिया है। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम सुयश पांडे के अनुसार, कंपनियों और कर्मचारियों को पीएफ नियमों और उनके अधिकारों की जानकारी देने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। चिह्नित कंपनियों को नामांकन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी भी दी जा रही है।
इसे भी पढ़ें : मां-बाप की संपत्ति पर बेटे का हक नहीं! हाई कोर्ट के फैसले ने साफ कर दिया बड़ा नियम
कर्मचारियों को भी करना चाहिए अपना पीएफ चेक
ईपीएफओ ने गौतम बुद्ध नगर में काम करने वाले कर्मचारियों से अपने पीएफ नामांकन की स्थिति जांचने को कहा है। 31 अक्टूबर की समय सीमा खत्म होने के बाद विभाग इन कंपनियों के अनुपालन की समीक्षा करेगा। अगर कंपनियां निर्देशों का पालन नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जा सकती है। इस पूरी कार्रवाई का मकसद ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों को पीएफ और सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है।