Essar US Steel Plant : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में एक बड़े निवेश की जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय कंपनी एस्सार ग्रुप अमेरिका में विशाल स्टील परियोजना पर काम कर रही है। ट्रंप के मुताबिक यह निवेश अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती देगा और हजारों रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय कारोबारी जगत में इस परियोजना की चर्चा तेज हो गई है।
18 अरब डॉलर का होगा निवेश
जानकारी के अनुसार एस्सार ग्रुप अपनी अमेरिकी सब्सिडियरी मेसाबी मेटालिक्स के जरिए करीब 18 अरब डॉलर का निवेश करेगा। यह परियोजना अमेरिका के स्टील सेक्टर की सबसे बड़ी परियोजनाओं में शामिल मानी जा रही है। शुरुआती चरण में प्लांट की उत्पादन क्षमता 75 लाख टन सालाना रखी जाएगी, जिसे बाद में बढ़ाकर 1 करोड़ टन प्रति वर्ष तक पहुंचाने की योजना है।
अमेरिका में ही तैयार होगी पूरी सप्लाई चेन
इस परियोजना की खास बात यह है कि इसके लिए जरूरी आयरन ओर मिनेसोटा की खदानों से निकाला जाएगा। इसके बाद उस कच्चे माल को आयोवा स्थित नए स्टील कॉम्प्लेक्स में प्रोसेस कर हाई-क्वालिटी स्टील तैयार किया जाएगा। इससे कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक की पूरी सप्लाई चेन अमेरिका के भीतर ही रहेगी और आयात शुल्क या बाहरी निर्भरता की समस्या भी कम होगी।
#WATCH | Washington DC | Mesabi Metallics chairman Rewant Ruia says, "Thank you, US President Donald Trump, for bringing back the importance of building things in America... With the new steel complex in Iowa, we will complete the fully integrated American supply chain, from mine… https://t.co/cJJWyT51qQ pic.twitter.com/uY7wDphhhj
— ANI (@ANI) September 28, 2026
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आयोवा में प्लांट लगाने की वजह क्या?
परियोजना को लेकर एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि जब आयरन ओर मिनेसोटा में उपलब्ध है तो स्टील प्लांट आयोवा में क्यों लगाया जा रहा है। दोनों राज्यों के बीच सैकड़ों मील की दूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली की लागत इसके पीछे एक प्रमुख कारण हो सकती है। स्टील उत्पादन में भारी मात्रा में ऊर्जा की जरूरत होती है और आयोवा में औद्योगिक बिजली दरें अपेक्षाकृत कम मानी जाती हैं।
2030 तक शुरू हो सकता है उत्पादन
कंपनी का लक्ष्य इस मेगा प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा कर वर्ष 2030 तक व्यावसायिक उत्पादन शुरू करना है। आधुनिक डिजिटल और ऑटोमेशन तकनीकों के इस्तेमाल से उत्पादन क्षमता को लगातार बढ़ाया जाएगा। यह परियोजना अमेरिकी स्टील उद्योग में तकनीकी बदलाव का भी बड़ा उदाहरण बन सकती है।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था को होगा बड़ा फायदा
रिपोर्ट के मुताबिक परियोजना के शुरुआती 10 वर्षों के संचालन के दौरान अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लगभग 95 अरब डॉलर का आर्थिक योगदान मिलने का अनुमान है। रोजगार सृजन, औद्योगिक उत्पादन और स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूती मिलने से यह निवेश अमेरिका और भारत दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ट्रंप के बयान के बाद यह परियोजना वैश्विक औद्योगिक निवेश की सबसे चर्चित योजनाओं में शामिल हो गई है।