Politics in Etawah kathavachak case,: इटावा के बकेवर कथावाचक पर छेड़छाड़ और जाति छुपाने के आरोप के बाद गांव में भयंकर बवाल देखने को मिला है, जहां पुलिस पर पथराव की भी खबरें सामने आई, इस बीच सियासत भी गर्म हो गई है ..उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र के दांदरपुर गांव में एक धार्मिक कथा के दौरान कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके साथी संत कुमार यादव पर छेड़छाड़, जाति छुपाने और फर्जी दस्तावेज दिखाने के गंभीर आरोप लगे हैं.आयोजक की पत्नी ने कथावाचकों पर गलत तरीके से हाथ पकड़ने और अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया, जिससे मामला तूल पकड़ गया.
कथावाचक के साथ मारपीट से गरमाई राजनीति
इसके बाद कथावाचकों के साथ गांव के कुछ लोगों ने मारपीट की, उनकी चोटी काट दी, सिर मुंडवाया और गांव से बाहर निकाल दिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिससे मामला और गरमा गया. आयोजक जयप्रकाश तिवारी ने कथावाचकों पर आरोप लगाया कि उन्होंने ब्राह्मण बनकर फर्जी आधार कार्ड के जरिए कथा की अनुमति ली.
कई उपद्रवियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया
घटना के बाद चार लोगों को कथावाचकों से मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया, लेकिन इसके विरोध में ब्राह्मण संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा बताया. वहीं दूसरी ओर कथावाचक के समर्थन में 'अहीर रेजिमेंट' और 'यादव महासभा' के लोग सड़कों पर उतर आए. जब अहीर रेजिमेंट के लोग दांदरपुर गांव में घुसने की कोशिश कर रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें रोका. इसी दौरान पुलिस पर पथराव किया गया, जिसमें कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं. हालात काबू में लाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग और हवाई फायरिंग करनी पड़ी. पुलिस ने मौके से कई उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है.
अखिलेश ने दागे तीखे सवाल, एक्शन में योगी
इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इसे यादव समाज का अपमान बताया और चेतावनी दी कि तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन होगा. वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए. सीएम योगी ने कहा कि राज्य में जातीय हिंसा फैलाने की साजिश चल रही है, जो बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को साफ चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी.ये मामला अब कानूनी, सामाजिक और सियासी रूप से बड़ा रूप ले चुका है, और आने वाले दिनों में इसमें और हलचल की संभावना है।