पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. अब पेट्रोल में 30 प्रतिशत तक एथेनॉल मिश्रण की तैयारी शुरू कर दी गई है. ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स ने E22, E25, E27 और E30 के तकनीकी मानकों को नोटिफाई कर दिया है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि अभी देशभर में E30 पेट्रोल मिलने लगेगा.
फिलहाल सिर्फ तकनीकी तैयारी
सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन अभी सिर्फ तकनीकी मानकों से जुड़ा है. इसका उद्देश्य भविष्य के लिए ईंधन ढांचे को तैयार करना है. यानी अभी E30 पेट्रोल की अनिवार्य बिक्री शुरू नहीं होगी. लेकिन इतना साफ हो गया है कि सरकार E20 के बाद अगले चरण की ओर बढ़ने की तैयारी कर रही है.
तेल संकट बना बड़ी वजह
वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता के बीच यह कदम काफी अहम माना जा रहा है. खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते संकट ने भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों की चिंता बढ़ा दी है. इसी वजह से अब वैकल्पिक ईंधन और ऊर्जा सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है.
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E20 से आगे बढ़ने का संकेत
सरकार पहले ही E20 लक्ष्य को 2030 से घटाकर 2025-26 तक ला चुकी है. अब E22, E25, E27 और E30 के मानकों का जारी होना दिखाता है कि भारत धीरे-धीरे अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन की तरफ बढ़ रहा है. इसे आयात कम करने की बड़ी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है.
वाहन मालिकों की बढ़ी चिंता
एथेनॉल मिश्रण को लेकर कई वाहन मालिकों के मन में सवाल बने हुए हैं. खासकर पुराने वाहनों के मालिकों को माइलेज और इंजन पर असर की चिंता रहती है. कई लोगों का मानना है कि इससे मेंटेनेंस खर्च बढ़ सकता है. हालांकि सरकार पहले साफ कर चुकी है कि E20 से बड़े तकनीकी नुकसान या इंजन फेल होने जैसी समस्या सामने नहीं आई है.
ऊर्जा सुरक्षा का नया रास्ता
सरकार और उद्योग जगत लंबे समय से अधिक एथेनॉल मिश्रण की दिशा में काम कर रहे हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा तेल आयात कम करने और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में देखा जा रहा है. आने वाले समय में यह बदलाव भारत की ईंधन नीति में बड़ा मोड़ साबित हो सकता है.