इथियोपिया का हेली गुब्बी ज्वालामुखी की राख ने कई तरह की समस्याओं को बढ़ा दिया है। यह करीब 10-12 हजार साल बाद एक बार फिर फटा है। ज्वालामुखी से निकली राख भारत होते हुए अब चीन की ओर बढ़ चुकी है। ज्वालामुखी की राख भारत की राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली तक देख रही है। इसका असर भारतीय एयरलाइंस सर्विस पर भी दिख रहा है। वहीं अब ये ज्वालामुखी की राख चीन के लिए तनाव बढ़ाने वाली है।
पश्चिमी भारत से फिर उत्तर भारत तक पहुंचा
भारतीय मौसम विभाग की ओर से साझा जानकारी के तहत ज्वालामुखी से निकली राख का बादल इथियोपिया के लाल सागर को पार कर गई है। ये यमन, ओमान, अरब सागर के ऊपर से पश्चिमी भारत से फिर उत्तर भारत में पहुंच चुकी है।
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लगभग 14 किलोमीटर ऊपर तक उठी राख
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब ये राख के बादल भारत से निकलकर चीन की ओर बढ़ रहे हैं। आपको बता दें, यह ज्वालामुखी करीब 12 हजार सालों तक शांत रहने के बाद फटा चुका है। ज्वालामुखी की राख आसमान में करीब 14 किलोमीटर ऊपर तक उठी।
हालांकि, भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, इस राख के बादल से किसी तरह का खतरा नहीं है। राख के बादल भारत में दस्तक देने के बाद देश में कई उड़ानों के रूट को डायवर्ट किया है। वहीं कुछ उड़ानें रद्द हो गईं हैं।
एविएशन के लिए सेफ्टी एडवाइजरी
इससे पहले आईएमडी ने जानकारी दी कि मंगलवार को राख का गुबार गुजरात, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के ऊपर दिखा। यह बादल वायुमंडल के बीच के स्तर पर बना रहा। इसकी वजह से कुछ समय के लिए विमानों के संचालन में रुकावट देखी गई है। अधिकारियों को एविएशन को लेकर सेफ्टी एडवाइजरी जारी की है। इस दौरान एक्यूआई पर कोई असर नहीं होने वाला है।