यूरोपीय संघ (ईयू) ने मंगलवार को यमन के भीतर, सऊदी अरब के खिलाफ और लाल सागर में जहाजों पर हूती विद्रोहियों के हमलों की कड़ी निंदा की। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने हूती समूह से तत्काल हमले रोकने, तनाव कम करने और संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की।
फोन पर बातचीत के दौरान संदेश दिया
कोस्टा ने यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष रशाद अल-अलीमी के साथ फोन पर बातचीत के दौरान यह संदेश दिया। उन्होंने यमन में शांति और स्थिरता बहाल करने के प्रयासों में वहां की सरकार को ईयू के पूर्ण समर्थन और एकजुटता का भरोसा भी दिलाया।
मानवीय संकट और गहरा रहा
कोस्टा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “यमन में युद्ध तेज हो रहा है, जिससे मानवीय संकट और गहरा रहा है और लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं। मैंने अभी राष्ट्रपति रशाद अल-अलीमी से बात की और यमन सरकार तथा शांति एवं स्थिरता बहाल करने के उसके प्रयासों के प्रति ईयू की पूर्ण एकजुटता और समर्थन की पुष्टि की।”
हूती हमलों की कड़ी निंदा
उन्होंने आगे कहा कि ईयू यमन के भीतर, सऊदी अरब के खिलाफ और लाल सागर में जहाजों पर हूती हमलों की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने हूती विद्रोहियों से तत्काल हमले बंद करने, तनाव कम करने और संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में बातचीत फिर शुरू करने का आह्वान किया। कोस्टा ने कहा कि यमन में स्थायी शांति केवल समावेशी राजनीतिक समाधान के जरिए ही स्थापित की जा सकती है।
सैकड़ों नागरिक घायल हुए
इससे पहले, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इस महीने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यमन के हूती समूह के हमले की निंदा की थी। गुटेरेस ने 11 अक्टूबर को जारी एक बयान में कहा था, “मैं सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हूतियों के शनिवार को किए गए घातक हमले से बेहद स्तब्ध हूं और इसकी कड़ी निंदा करता हूं। इस हमले में कथित तौर पर 12 लोगों की मौत हुई और सैकड़ों नागरिक घायल हुए।” उन्होंने कहा कि नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे हमले तत्काल बंद होने चाहिए।