सऊदी अरब की रिफाइनरी और हवाई अड्डों समेत बुनियादी ढांचों पर हूती हमलों पर यूरोपीय संघ ने चिंता जाहिर की है। ईयू अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि वो इन हमलों की निंदा करती हैं और संघ गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) के साथ हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना बयान जारी किया। उर्सुला ने कहा, एक बार फिर, ईरान समर्थित हूती समूह ने सऊदी अरब में रिफाइनरी और हवाई अड्डों समेत बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया है। ईयू चीफ ने इसे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश बताया। पोस्ट में आगे लिखा गया, "इन हमलों से इलाके में अस्थिरता बनी रहती है, हिंसा बढ़ती है और ग्लोबल एनर्जी सिक्योरिटी कमजोर होती है।"
सहयोगियों के साथ एकजुटता से खड़ा
खाड़ी देशों के साथ खड़े रहने का संकल्प लेते हुए उन्होंने कहा कि ईयू सऊदी अरब और अपने खाड़ी सहयोगियों के साथ एकजुटता से खड़ा है। स्पष्ट किया कि इस महीने के आखिर में गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के साथ ईयू की बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा मुख्य मुद्दा होगी।
दुनिया की सुरक्षा को खतरा
इससे पहले, सऊदी अरब ने भी यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा नागरिकों और नागरिक एवं आर्थिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा करते हुए एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि इन हमलों से न केवल सऊदी अरब बल्कि पूरे क्षेत्र और दुनिया की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है।
जहाजों पर हमले करने का आरोप
सऊदी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को जारी बयान में हूती मिलिशिया पर मक्का और मदीना समेत सऊदी अरब के कई शहरों को निशाना बनाने और दक्षिणी लाल सागर तथा बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सऊदी जहाजों पर हमले करने का आरोप लगाया।
बार-बार हमले बेहद गंभीर
मंत्रालय ने कहा कि हूतियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद के अलावा अबहा, खमिस मुशैत, जजान, नजरान, ताइफ और यानबू जैसे शहरों को भी निशाना बनाया है। मक्का और मदीना को “धरती के सबसे पवित्र स्थलों” के रूप में रेखांकित करते हुए कहा गया कि इन पवित्र स्थलों के खिलाफ बार-बार हमले बेहद गंभीर चिंता का विषय हैं।