यूरोपीय नेताओं ने बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के युद्धविराम समझौते का स्वागत किया। साथ ही उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ (ईयू) मध्य पूर्व में शांति लाने की कोशिशों में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है। यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने सभी पक्षों से युद्धविराम की शर्तों का पालन करने की अपील की, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति लाई जा सके। उन्होंने कहा कि ईयू मध्य पूर्व में शांति बहाल करने के प्रयासों का समर्थन करता है।
क्षेत्र में टिकाऊ शांति हासिल हो सके
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में लिखा, “मैं अमेरिका और ईरान की ओर से घोषित दो हफ्ते के युद्धविराम का स्वागत करता हूं। मैं सभी पक्षों से अपील करता हूं कि वे इसकी शर्तों का पालन करें, ताकि क्षेत्र में टिकाऊ शांति हासिल हो सके। ईयू इन कोशिशों में सहयोग के लिए तैयार है और क्षेत्र के अपने साझेदारों के संपर्क में है। मैं पाकिस्तान और इस समझौते में शामिल सभी पक्षों का धन्यवाद करता हूं।”
समझौता तनाव कम करने के लिए
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यह समझौता तनाव कम करने के लिए बहुत जरूरी कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संघर्ष का स्थायी हल निकालने के लिए बातचीत जारी रहनी चाहिए।
युद्धविराम का स्वागत करती हूं
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में लिखा, “मैं अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के युद्धविराम का स्वागत करती हूं। इससे काफी जरूरी राहत मिली है। अब जरूरी है कि स्थायी समाधान के लिए बातचीत जारी रहे। हम इस दिशा में अपने साझेदारों के साथ काम करते रहेंगे।” ईयू की विदेश और सुरक्षा नीति की प्रमुख काजा कल्लास ने इस समझौते को तनाव के कई हफ्तों के बाद एक बड़ा राहत भरा कदम बताया। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से जहाजों के लिए खोलने की भी बात कही।
फिर से जहाजों के लिए खोलना जरूरी
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में लिखा, “अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौता कई हफ्तों के तनाव के बाद एक बड़ा राहत का कदम है। इससे खतरे कम करने, मिसाइल हमले रोकने, शिपिंग फिर शुरू करने और स्थायी समझौते के लिए कूटनीति का रास्ता खुलता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से जहाजों के लिए खोलना जरूरी है।”