EU tough decision: अमेरिका के साथ जारी तनातनी के माहौल में यूरोपीय यूनियन (EU) ने ईरान के खिलाफ बड़ा और सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है। यूरोपीय संघ ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। अगर यह फैसला लागू होता है, तो IRGC का नाम अल-कायदा, इस्लामिक स्टेट और हमास जैसे संगठनों की श्रेणी में रखा जाएगा, जिससे तेहरान की मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं।
EU की चेतावनी
यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कल्लास ने कहा कि ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हजारों लोगों की मौत के लिए IRGC जिम्मेदार है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो संगठन आतंकवादी तरीके अपनाते हैं, उनके साथ वैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए। EU का मानना है कि मानवाधिकार उल्लंघनों पर चुप्पी अब स्वीकार्य नहीं है।
27 देशों की सहमति
इस फैसले को लागू करने के लिए EU के सभी 27 सदस्य देशों की सहमति जरूरी होगी। पहले फ्रांस इस कदम को लेकर सतर्क था, लेकिन अब उसने भी समर्थन का संकेत दिया है। फ्रांस का कहना है कि ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर हुई कार्रवाई का जवाब देना जरूरी है। जर्मनी, इटली और स्पेन जैसे देश पहले से ही इस प्रस्ताव के पक्ष में हैं।
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ईरान की रीढ़
IRGC ईरान की सबसे प्रभावशाली सैन्य संस्था मानी जाती है, जो सीधे सुप्रीम लीडर को रिपोर्ट करती है। इसका असर सिर्फ सैन्य क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीति, अर्थव्यवस्था और विदेश नीति में भी इसकी गहरी पकड़ है। अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया पहले ही इसे आतंकी संगठन घोषित कर चुके हैं।
बढ़ेगी सख्ती
अगर EU का फैसला लागू हुआ, तो IRGC से जुड़े लोगों पर यूरोप में यात्रा प्रतिबंध लग सकते हैं और उनकी संपत्तियां फ्रीज की जा सकती हैं। इससे ईरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव और बढ़ेगा, जो सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के लिए नई चुनौती साबित हो सकता है।