पिछले साल सोने की कीमतों में जो तेज उछाल देखने को मिला, उसके पीछे एक बड़ी वजह दुनिया के केंद्रीय बैंकों की जोरदार खरीद रही। नवंबर महीने में ही केंद्रीय बैंकों ने कुल 45 टन सोना खरीदा। यह बीते 11 महीनों की दूसरी सबसे बड़ी खरीद थी। लगातार दूसरा महीना ऐसा रहा जब 40 टन से ज्यादा सोना खरीदा गया। साल के पहले 11 महीनों में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने कुल 297 टन सोना अपने भंडार में जोड़ा।
पोलैंड बना सबसे बड़ा खरीदार
नवंबर महीने में सबसे ज्यादा सोना खरीदने वाला देश पोलैंड रहा। उसके केंद्रीय बैंक ने अकेले 12 टन से ज्यादा सोना खरीदा। इससे पहले अक्टूबर महीने में भी पोलैंड दुनिया का सबसे बड़ा खरीदार बना था। इस नई खरीद के बाद पोलैंड के पास कुल 543 टन सोना हो गया है। यह उसके कुल विदेशी मुद्रा भंडार का करीब 28 प्रतिशत है।
30 प्रतिशत तक पहुंचाने की तैयारी
पोलैंड यहीं नहीं रुकना चाहता। उसका लक्ष्य अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी को 30 प्रतिशत तक पहुंचाने का है। इसी लक्ष्य के तहत वह साल 2018 से लगातार सोने की खरीद कर रहा है। खास बात यह है कि पोलैंड यूरोप का एक छोटा सा देश है, जिसकी कुल आबादी भारत के झारखंड राज्य के करीब मानी जाती है, लेकिन सोने के मामले में उसकी सोच बेहद बड़ी है।
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आखिर क्यों बढ़ा रहा है सोने का भंडार
विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितता, युद्ध, मुद्रा अस्थिरता और बड़े देशों की आर्थिक नीतियों के चलते सोना फिर से सुरक्षित निवेश के रूप में उभरा है। पोलैंड जैसे देश अपने भंडार को मजबूत बनाकर भविष्य के आर्थिक झटकों से खुद को सुरक्षित करना चाहते हैं। सोना न तो किसी देश की मुद्रा पर निर्भर करता है और न ही किसी एक व्यवस्था पर।
दुनिया में सबसे ज्यादा सोना किसके पास
फेडरल रिजर्व
दुनिया में सबसे ज्यादा सोना अमेरिका के पास है, जिसके भंडार में 8,133 टन सोना मौजूद है। इसके बाद जर्मनी के पास 3,350 टन, इटली के पास 2,452 टन, फ्रांस के पास 2,437 टन और रूस के पास 2,330 टन सोना है। चीन के पास 2,304 टन, स्विट्जरलैंड के पास 1,040 टन और भारत के पास 880 टन सोना दर्ज है।
भारत की असली ताकत घरों में छिपी
एक रिपोर्ट के अनुसार भारत के सरकारी भंडार से कहीं ज्यादा सोना भारतीय घरों में मौजूद है। अनुमान है कि देश के घरों में करीब 35,000 टन सोना रखा हुआ है, जिसकी कीमत कई लाख करोड़ रुपये आंकी जाती है। यही वजह है कि जब भी दुनिया में सोने की चर्चा होती है, भारत की भूमिका सबसे अलग नजर आती है। पोलैंड की ताजा खरीद ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में सोना वैश्विक अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत सहारा बना रह सकता है।