IPS Officer Leave Rules: भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और अन्य अखिल भारतीय सेवाओं (IAS, IFoS) के अधिकारियों के लिए छुट्टी और ड्यूटी से अनुपस्थिति को लेकर बेहद सख्त नियम हैं। ये नियम All India Services (Leave) Rules, 1955 और AIS (Conduct) Rules, 1968 के तहत आते हैं। इन दिनों हिमाचल प्रदेश में एक आईपीएस अधिकारी की बार-बार छुट्टी लेने की वजह से प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
कानून-व्यवस्था पर डालता है असर
एक IPS अधिकारी के लिए बार-बार छुट्टी लेना न केवल उनकी व्यक्तिगत सर्विस फाइल को प्रभावित करता है, बल्कि जिले या विभाग की कानून-व्यवस्था पर भी असर डालता है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने अपने आदेश में साफ लिखा कि आईपीएस अधिकारी अदिति सिंह के बार-बार अवकाश पर रहने से विभागीय काम प्रभावित हुआ है। ऐसे में जब तक वह छुट्टी पर रहेंगी, तब तक उनकी जगह वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, ताकि काम सुचारू रूप से चलता रहे।
नॉर्दन रेंज में नई अस्थायी तैनाती की
बता दें कि आईपीएस अधिकारी अदिति सिंह बार-बार छुट्टी पर जा रही थीं, जिससे कामकाज पर असर पड़ रहा था। इसलिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने धर्मशाला में स्टेट विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो के नॉर्दन रेंज में नई अस्थायी तैनाती की है। यहां ब्रह्म दास भाटिया को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में जिम्मेदारी दी गई है।
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कौन है आईपीएस अदिति सिंह
अदिति सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मेरठ की रहने वाली हैं। अदिति सिंह 2021 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं, जो हिमाचल प्रदेश कैडर में तैनात हैं। हाल ही में वह अपनी बार-बार की छुट्टियों और उनके विरुद्ध राज्य पुलिस विभाग द्वारा उठाए गए कदम के कारण चर्चा में हैं।
कब-कब ली गई छुट्टियां
रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने 8 जनवरी से 22 फरवरी, 2026 के बीच लगभग 25 दिनों की छुट्टी ली थी। इससे पहले दिसंबर 2025 में भी वह एक आधिकारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के कारण मुख्यालय से बाहर रही थीं।
5 साल से अधिक छुट्टी पर सेवा समाप्त
आईपीएस अधिकारियों की छुट्टी से जुड़े नियम ऑल इंडिया सर्विसेज (लीव) रूल्स, 1955 के तहत तय किए गए हैं। इन नियमों के अनुसार, एक आईपीएस अधिकारी एक बार में अधिकतम 180 दिन की अर्न्ड लीव ले सकता है। वहीं, कोई भी IPS अधिकारी लगातार 5 साल से अधिक समय तक छुट्टी पर नहीं रह सकता । 5 साल पूरे होते ही उनकी सेवा समाप्त मान ली जाती है।
बिना अनुमति गायब रहने पर क्या होता है
वहीं, अगर कोई भी अधिकारी अपने स्वीकृत छु्ट्टी खत्म होने के बाद भी एक साल से ज्यादा समय तक बिना अनुमति के काम पर नहीं लौटता है, तो उसे सेवा से इस्तीफा दिया हुआ माना जाता है। IPS अधिकारियों के लिए यह अनिवार्य है कि वे छुट्टी की अर्जी देते समय यह बताएं कि वे छुट्टी के दौरान कहां रहेंगे। यदि अधिकारी अपने तैनाती वाले जिले या राज्य से बाहर जा रहा है, तो उसे 'स्टेशन लीव' की अलग से अनुमति लेनी होती है।