
टीम इंडिया का ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खराब दौर जारी है. रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी के बाद उम्मीदें थीं कि टीम जीत की पटरी पर लौटेगी, लेकिन इसका उलटा हुआ. एडिलेड में खेले गए दूसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 2 विकेट से मात देकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 9 विकेट खोकर 264 रन बनाए, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 46.2 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया.
Rohit Sharma की फाइटिंग पारी बेकार गई
कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही. गिल खुद 9 रन बनाकर आउट हुए और विराट कोहली भी लगातार दूसरे मैच में शून्य पर चलते बने. ऐसे में रोहित शर्मा ने मोर्चा संभाला और 97 गेंदों पर 73 रन की शानदार पारी खेली. उन्होंने श्रेयस अय्यर (61 रन) के साथ 118 रनों की साझेदारी कर भारत को संकट से निकाला. रोहित ने धैर्य और जज्बे का परिचय दिया, लेकिन उनका अर्धशतक भी टीम को जीत नहीं दिला सका.
जंपा बने भारत के लिए सिरदर्द!
श्रेयस अय्यर के आउट होने के बाद भारतीय मिडिल ऑर्डर फिर लड़खड़ा गया. केएल राहुल (11 रन) और वाशिंगटन सुंदर (12 रन) जैसी अहम उम्मीदें भी फेल रहीं. ऑस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर एडम जंपा ने भारतीय बल्लेबाजों को खासा परेशान किया और 4 विकेट झटके वहीं जेवियर बार्टलेट ने 3 विकेट लेकर भारत की टॉप ऑर्डर को ध्वस्त कर दिया. अक्षर पटेल (44 रन) ने आखिर में कुछ शानदार शॉट्स लगाए, जबकि हर्षित राणा (24*) और अर्शदीप सिंह (13) की साझेदारी ने भारत को 260 के पार पहुंचाया.
बॉलिंग में दम दिखा, लेकिन जीत से दूर रहे गेंदबाज
264 रन के लक्ष्य का बचाव करने उतरी टीम इंडिया की गेंदबाजी शुरुआत में असरदार दिखी. वाशिंगटन सुंदर, हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह ने 2-2 विकेट लेकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया लेकिन ऑस्ट्रेलिया के कूपर कोनोली (नाबाद 61) और मैथ्यू शॉर्ट (74) ने मिलकर भारत की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. कोनोली ने आखिर तक टिककर ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाई, जबकि मिच ओवेन (36) और मैट रेनशॉ (30) ने भी अहम योगदान दिया.
गिल की कप्तानी पर सवाल, बैटिंग-बॉलिंग दोनों फ्लॉप
शुभमन गिल की कप्तानी में भारत की रणनीति लगातार कमजोर साबित हो रही है. पहले मैच की तरह इस बार भी न तो टॉप ऑर्डर चल पाया और न ही गेंदबाज निर्णायक मौके पर प्रदर्शन कर सके. विराट कोहली का फॉर्म चिंता का विषय बन गया है, वहीं टीम का मिडिल ऑर्डर पूरी तरह लड़खड़ा गया. सीरीज अब हाथ से निकल चुकी है, और तीसरा वनडे महज़ सम्मान बचाने का मौका होगा.