एवरेस्ट की कंपाउंड हींग पर FSSAI का एक्शन, 3 मसाले भी मानकों पर फेल; जानें पूरा मामला
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एवरेस्ट की कंपाउंड हींग पर FSSAI का एक्शन, 3 मसाले भी मानकों पर फेल; जानें पूरा मामला
लोकसत्य
शनिवार, 29 अगस्त 2026 • 10:55 pm
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Everest Hing Ban: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने लैब जांच में तय गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरने के बाद Everest Food Products की कंपाउंड हींग की बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी है। जांच में हींग में जरूरी मात्रा से काफी कम अर्क पाया गया। इसके अलावा एवरेस्ट के एग करी मसाला, चिकन मसाला और गरम मसाला में भी नियमों का पालन नहीं होने की बात सामने आई है।
Consumer Complaint के बाद शुरू हुई जांच
FSSAI के मुताबिक, एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद बड़े ब्रांड्स की कंपाउंड हींग की निगरानी शुरू की गई थी। इसी दौरान मुंबई में कंपनियों की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और गुजरात के उमबरगांव स्थित Everest की यूनिट से नमूने लिए गए। लैब जांच में कुछ नमूने निर्धारित खाद्य मानकों पर खरे नहीं उतरे।
कंपाउंड हींग में अर्क की मात्रा कम मिली
मौजूदा नियमों के अनुसार कंपाउंडेड हींग में कम से कम 5 प्रतिशत अल्कोहल में घुलनशील अर्क होना जरूरी है। FSSAI की जांच में संबंधित नमूनों में यह मात्रा 0 से 3 प्रतिशत के बीच मिली। प्राधिकरण के अनुसार, इससे संकेत मिलता है कि उत्पादों में निर्धारित मात्रा की तुलना में कच्ची हींग का इस्तेमाल कम किया गया था।
कच्ची हींग में भी मिली गड़बड़ी
जांच में लालजी गोधू की यूनिट से लिए गए कच्ची हींग के छह नमूनों में 15 से 32 प्रतिशत तक स्टार्च पाया गया। जबकि निर्धारित अधिकतम सीमा केवल 1 प्रतिशत है। यानी कुछ नमूनों में स्टार्च की मात्रा तय सीमा से कई गुना अधिक थी। इसी आधार पर संबंधित उत्पादों की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं।
कंपनियों से मांगा गया Action Plan
FSSAI ने Everest Food Products और Lalji Godhoo से नियमों के उल्लंघन को लेकर सफाई मांगी है। कंपनियों को एक Action Plan भी जमा करने के लिए कहा गया है, जिसमें यह बताना होगा कि भविष्य में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता के निर्धारित मानकों का पालन कैसे सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही बाजार में मौजूद खराब गुणवत्ता वाले उत्पादों को स्वेच्छा से वापस लेने की सलाह भी दी गई है।
तीन मसाले भी जांच में फेल
FSSAI की जांच में Everest के Egg Curry Masala, Chicken Masala और Garam Masala में भी निर्धारित नियमों का पालन नहीं पाया गया। हालांकि, इन तीनों उत्पादों पर फिलहाल बिक्री प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। दूसरी ओर, कंपाउंड हींग पर रोक तब तक जारी रहेगी, जब तक निर्माता निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं करते।
पैकेट पर Warning Label का भी प्रस्ताव
यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब FSSAI ने पैक्ड फूड में ज्यादा चीनी, नमक या सैचुरेटेड फैट की जानकारी उपभोक्ताओं तक सीधे पहुंचाने के लिए पैकेट के सामने लाल रंग का हेक्सागोनल वॉर्निंग लेबल लगाने का प्रस्ताव रखा है। खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और लेबलिंग को लेकर हाल के कदमों ने कंपनियों की उपभोक्ताओं के प्रति जिम्मेदारी को लेकर बहस को और तेज कर दिया है।