आईपीएल में विदेशी खिलाड़ियों की भूमिका हमेशा बेहद अहम मानी जाती है। हर फ्रेंचाइजी सीमित विदेशी स्लॉट के कारण काफी सोच-समझकर खिलाड़ियों का चयन करती है। टीमों को उम्मीद रहती है कि ये खिलाड़ी बड़े मैचों में अंतर पैदा करेंगे और मुश्किल हालात में टीम को संभालेंगे। लेकिन आईपीएल 2026 में कुछ बड़े विदेशी नाम उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके और पूरे सीजन संघर्ष करते नजर आए।
बल्लेबाजी में दिखी बड़ी निराशा
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के जैकब बेथेल को शुरुआत में मौका नहीं मिला, लेकिन जब टीम में जगह मिली तो वह प्रभाव नहीं छोड़ सके। उन्होंने 7 मैचों में सिर्फ 96 रन बनाए। दूसरी ओर राजस्थान रॉयल्स के शिमरोन हेटमायर भी पूरी तरह संघर्ष करते दिखे। उन्होंने 8 मैच खेलकर सिर्फ 78 रन बनाए और बाद में टीम से बाहर भी कर दिए गए। दोनों खिलाड़ियों से टीमों को बड़े योगदान की उम्मीद थी, लेकिन आंकड़े कुछ और कहानी बताते हैं।
गुजरात और पंजाब को भी लगा झटका
गुजरात टाइटंस के ग्लेन फिलिप्स को शुरुआती मुकाबलों में मौका मिला, लेकिन वह बल्ले से असर नहीं छोड़ पाए। 6 मैचों में उनके खाते में सिर्फ 67 रन आए। इसी तरह पंजाब किंग्स के तेज गेंदबाज मार्को यानसेन भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। उन्होंने 13 मैचों में 9 विकेट जरूर लिए, लेकिन उनकी इकोनॉमी टीम के लिए चिंता का विषय रही। पंजाब की खराब गेंदबाजी टीम के प्लेऑफ से बाहर होने की बड़ी वजह मानी गई।
बोल्ट का फीका पड़ा जादू
मुंबई इंडियंस के अनुभवी तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट भी इस सीजन पुराने रंग में नजर नहीं आए। पिछले सीजन शानदार प्रदर्शन करने वाले बोल्ट इस बार सिर्फ 5 मैचों में 2 विकेट ले सके। उनकी गेंदबाजी में वह धार नहीं दिखी जिसके लिए उन्हें जाना जाता है। मुंबई जैसी टीम को उनसे नई गेंद पर शुरुआती सफलता की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिला।
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बड़े नाम हमेशा बड़ी सफलता की गारंटी नहीं
आईपीएल 2026 ने एक बार फिर दिखा दिया कि सिर्फ बड़े नाम या अंतरराष्ट्रीय अनुभव सफलता की गारंटी नहीं होते। कई बार फॉर्म, परिस्थितियां और लय भी अहम भूमिका निभाते हैं। अब टीमों की नजर अगले सीजन पर होगी, जहां ये खिलाड़ी वापसी कर अपनी छवि बदलने की कोशिश करेंगे।